नई दिल्ली में शुरू हुई नेत्रहीनों के लिए 22वीं ऊषा राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप

कुल 59 (पुरुषों के लिए 31, महिलाओं के लिए 28) अंतरराष्ट्रीय और स्वदेशी कार्यक्रम तीन श्रेणियों - टी11, टी12 और टी13 के तहत आयोजित किए जाएंगे। विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री सुश्री मीनाक्षी लेखी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया

नई दिल्ली। नेत्रहीनों के लिए देश के सबसे बड़े खेल आयोजन ऊषा नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप का 22वां संस्करण, आज त्यागराज स्टेडियम, नई दिल्ली में शुरू हुआ। इंडियन ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन (आईबीएसए) द्वारा द्वि-वार्षिक रूप से आयोजित .यह चैंपियनशिप, देश में एथलीटों की सच्ची भावना का उत्सव मनाएगा, जिसमें अगले तीन दिनों में 336 से अधिक अवार्ड्स जीते जाएंगे।

14 से 16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, माननीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री सुश्री मीनाक्षी लेखी द्वारा किया गया, जिन्होंने कॉफी-टेबल बुक, ‘द प्ले ऑफ डॉट्स’ का भी विमोचन किया। यह किताब उन गुमनाम नायकों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालती है जिनके संघर्षों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है। त्यागराज स्टेडियम में जबर्दस्त ऊर्जा देखने को मिली, क्योंकि देशभर से 550 प्रतिभागी फील्ड स्पोर्ट्स और रिले रेस जैसी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के शुभारंभ के लिए एकत्रित हुए थे।

दृष्टिहीनों के लिए 22वीं ऊषा नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2022 का उद्घाटन करते हुए, मुख्य अतिथि माननीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री सुश्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, “मैं पिछले 25 वर्षों से ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन से जुड़ी हुई हूं। इसलिए यह मेरे लिए घर वापसी जैसा है। कॉलेज में मैंने महसूस किया कि, लोग जिनमें एक तरह की अक्षमता होती है, उनमें अन्य तरीकों से बेहतरी प्राप्त करने की क्षमता भी होती है। इसलिए, ध्यान क्षमता पर होना चाहिए न कि अक्षमताओं पर। आप अपने जीवन में कई ऐसे लोगों से मिलते हैं जो आपको प्रभावित करते हैं और आपके चरित्र को एक नया आकार देते हैं, और असल मायने में जीवन का हर अनुभव चरित्र निर्माण का हिस्सा है। बेशक आप में से कुछ यहां मेडल्स जीत सकते हैं, लेकिन मेरे लिए आप में से प्रत्येक प्रतिभागी, उस भावना के लिए विजेता है, जिसके साथ अपने इसमें हिस्सा लिया है। मुझे यकीन है कि यहां आप में से कई लोग भविष्य में भारत के लिए गौरव प्राप्त करेंगे।”

इस मौके पर बोलते हुए, ऊषा इंटरनेशनल की खेल पहल और संघ प्रमुख सुश्री कोमल मेहरा ने कहा, “सबसे पहले, मैं ‘द प्ले ऑफ डॉट्स’ के लॉन्च पर आईबीएसए को बधाई देना चाहूंगी। यह साहस, दृढ़ संकल्प और प्रतिभा की कहानियां बताता है, जो इनमें से कुछ खिलाड़ियों ने मैदान पर और यहां तक कि मैदान के बाहर भी कर के दिखाया है और अब ये कहानियां सभी को प्रेरित करेंगी। अब, पहले से कहीं ज्यादा, हमें समावेशिता और विविधता को सेलिब्रेट करने की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, ऊषा में हम दृष्टिहीनों के लिए ऊषा नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप के एक और सीजन को देखने व उससे सीखने के लिए प्रेरित हैं। यह देखना प्रेरणादायक है कि कैसे खेल, जीवन को बदलने और मतभेदों को पीछे छोड़कर उन्हें एक साथ लाने में मदद कर सकते हैं। इस मेगा-इवेंट का भागीदार होने के नाते, हम विकलांगों के लिए भारत के एथलेटिक इकोसिस्टम को बढ़ाने और उस तक पहुंच का सहयोग करने का इरादा रखते हैं, और यह ‘खेल’ और खेलों के साथ कम्यूनिटीज को पोषित करने के हमारे दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है।

ऊषा देशभर में समावेशी खेल पहलों की एक बड़ी सपोर्टर और प्रमोटर रही हैं, जिसमें आईपीएल के लिए मुंबई इंडियंस टीम, अल्टीमेट फ्लाइंग डिस्क, गोल्फ, विशेष रूप से दिव्यांगों के लिए क्रिकेट, साथ ही फुटबॉल भी शामिल है। ब्रांड ने क्षेत्रीय लोगों को लंबे समय से भुलाए जा चुके स्वदेशी भारतीय क्षेत्रीय खेलों जैसे कलारी, मल्लखंब, सियत खानम, थांग-ता, और साज-लॉन्ग, पिथू के साथ फिर से जोड़ने के लिए भी निवेश किया है।