Home शिक्षा इन त्योहारों पर नौकरी का आवेदन करने के लिए 5 मुख्य कारण

इन त्योहारों पर नौकरी का आवेदन करने के लिए 5 मुख्य कारण

नई दिल्ली।  सितंबर के साथ भारत में त्योहारों का मौसम शुरू हो जाता है। इस समय पूरे देश में उत्सव और जश्न का माहौल होता है, और उपभोक्ताओं की गतिविधि बढ़ जाती है। सभी लोग त्योहारों की ख़रीददारी करने के लिए बाज़ारों में निकल पड़ते हैं, और जश्न के लिए घरों को सजाया जाने लगता है। उपभोग में इस बढ़ोत्तरी के कारण ब्लू कॉलर नौकरियों की मांग बढ़ जाती है। इनडीड द्वारा हाल ही में किए गए एक सर्वे के अनुसार जुलाई से नवंबर तक त्योहारों के मौसम में ब्लू कॉलर नौकरियों की भर्ती में 18% की भारी वृद्धि होने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक़ 69% नियोक्ता अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती करना चाहते हैं, जबकि 20% त्योहारों में बढ़ने वाले वर्कलोड को संभालने के लिए गिग कर्मचारियों को काम पर रखना चाहते हैं, जिनमें फ्रीलांसर, कंसल्टैंट, स्वतंत्र कांट्रैक्टर आदि शामिल हैं।

सबसे ज़्यादा मांग में रहने वाली नौकरियों में इन-शॉप प्रदर्शनकर्ता, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के काम, डिजिटल मार्केटर्स और उसके बाद ग्राहक और पार्टनर सैलर सेवाएं, ब्यूटी एडवाइज़र्स और ब्यूटी कंसल्टैंट्स शामिल हैं। त्योहारों के मौसम में ब्लू कॉलर कर्मचारियों के महत्व को देखते हुए कंपनियां ऐसे लाभ प्रदान करने के लिए तैयार हैं, जो ज़्यादातर कर्मचारियों को आकर्षित करें।

नीचे नियोक्ताओं द्वारा त्योहारों की ख़ुशी बढ़ाने के लिए अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले 5 लाभों का विवरण दिया गया है।

ज़्यादा कमाई: त्योहारों के मौसम में ब्लू कॉलर कर्मचारियों की आय में काफ़ी बढ़ोत्तरी होती है। वस्तुओं व सेवाओं की बढ़ती मांग के साथ नियोक्ता सर्वोत्तम प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए वेतन बढ़ाना चाहते हैं। इनडीड के सर्वे के मुताबिक़ इस अवधि में 27% नियोक्ता अपने कर्मचारियों ज़्यादा कमाई प्रदान कर रहे हैं। इस रुझान का लाभ विशेष रूप से गिग कर्मचारियों और और फ्रीलांसर्स को मिलता है, जो ज़्यादा आय का लाभ उठा सकते हैं।

बोनस व प्रोत्साहन: त्योहारों पर कई नियोक्ता अपने कर्मचारियों को बोनस व प्रोत्साहन देते हैं। इन बोनस में दिवाली या वर्ष के अंत में मिलने वाले बोनस आदि शामिल हो सकते हैं। इस अवधि में रोजगार मिलने से इन कर्मचारियों की आय बढ़ती है, और कई वित्तीय लाभ उन्हें मिल पाते हैं। इनडीड के सर्वे में सामने आया कि 17% नियोक्ता इस दौरान बोनस और प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।

कर्मचारी डिस्काउंट: त्योहारों पर नियोक्ता अपने उत्पादों और सेवाओं पर कर्मचारी डिस्काउंट प्रदान करते हैं। इनडीड के सर्वे के मुताबिक़ 14% नियोक्ता त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों को विशेष डिस्काउंट देते हैं। त्योहारों पर कार्यबल में शामिल होकर ब्लू-कॉलर कर्मचारी इन डिस्काउंट्स का लाभ ले सकते हैं, जिससे उन्हें छुट्टियों के मौसम में अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक ख़र्चों में काफ़ी मदद मिलती है।

फेस्टिव रिवार्ड्स या उपहार: त्योहारों के अवसर पर नियोक्ता वित्तीय लाभों के अलावा फ़ेस्टिव रिवॉर्ड या उपहार भी देते हैं। उनकी इस प्रोत्साहन सहयोग में गिफ्ट हैम्पर्स, छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स आदि शामिल हो सकते हैं। सर्वे के मुताबिक़ 9% नियोक्ता त्योहारों के अवसर पर रिवॉर्ड या पुरस्कार देते हैं।

प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन: त्योहारों के मौसम में प्रदर्शन और ग्राहक की संतुष्टि पर ज़्यादा ध्यान दिया जाता है। नियोक्ता बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार देते हैं, जिससे उनकी पहचान बनाने और सराहना करने की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। इससे कर्मचारियों को प्रदर्शन पर आधारित सराहना पाने का अवसर मिलता है, और वो प्रमोशन, विशेष पहचान या रिवॉर्ड प्राप्त कर पाते हैं। इनडीड के सर्वे में सामने आया कि 8% नियोक्ता त्योहारों के मौसम में प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन देते हैं।

त्योहारों पर बढ़ती उपभोक्ता मांग के साथ गिग अर्थव्यवस्था की निरंतर वृद्धि से ब्लू-कॉलर कर्मचारियों को कई लाभ मिलते हैं। कर्मचारियों की मांग को पूरा करने के लिए नियोक्ता उन्हें मुआवजे के साथ अतिरिक्त लाभ भी प्रदान करते हैं।

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