लैंडफिल माउंड के लिए दिल्ली सरकार पर 900 करोड़ रुपये का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दिल्ली के तीन लैंडफिल साइटों में 3 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निपटान करने में विफल रहने के चलते बुधवार को दिल्ली सरकार पर 900 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

एनजीटी ने इसे “दिल्ली के नागरिकों के संवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन कहा है जो प्रदूषित हवा में सांस लेने, दूषित पानी स्वीकार करने के लिए मजबूर हैं” और स्वास्थ्य खतरों का सामना करते हैं। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने एमसीडी को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा, “अब तक उठाए गए कदम गंभीर तथ्यात्मक आपातकाल के अनुरूप नहीं हैं।“

दिल्ली के तीन लैंडफिल में कचरे के निपटान में विफल रहने के लिए दिल्ली सरकार और एमसीडी की खिंचाई करते हुए, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा कि डंप साइट “टाइम बम” की तरह हैं क्योंकि वे लगातार मीथेन जैसी विस्फोटक गैसें उत्पन्न करते हैं जो विस्फोट का लगातार खतरा पैदा करती हैं।

एनजीटी ने दिल्ली के मुख्य सचिव के निर्देश के तहत संचालित एक खाते में एक महीने के भीतर 900 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि जमा करने की मांग की है। यह राशि लगभग 300 रुपये प्रति मीट्रिक टन लैंडफिल को बहाल करने की लागत के हिसाब से तय की गई है। जिसके बाद सरकार ने कहा है कि वह अभी भी आदेश की स्टडी कर रही है।