लक्ष्मण रेखा से वाकिफ हैं, लेकिन नोटबंदी की जांच कराएंगे: सुप्रीम कोर्ट

16 दिसंबर, 2016 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्णय की वैधता और अन्य मुद्दों के सवाल को ऑफिशियल अनाउंसमेंट के लिए पांच न्यायाधीशों की एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह सरकार के नीतिगत फैसलों की न्यायिक समीक्षा पर “लक्ष्मण रेखा” से अवगत है, लेकिन यह तय करने के लिए 2016 के नोटबंदी के फैसले की जांच करनी होगी कि क्या यह मुद्दा केवल “अकादमिक” अभ्यास बन गया है।

वहीं न्यायमूर्ति एस ए नज़ीर की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने कहा कि जब संविधान पीठ के समक्ष कोई मुद्दा उठता है, तो जवाब देना उसका कर्तव्य है।

अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने कहा कि जब तक नोटबंदी पर अधिनियम को उचित परिप्रेक्ष्य में चुनौती नहीं दी जाती, यह मुद्दा अनिवार्य रूप से अकादमिक रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लक्ष्मण रेखा कहां है, यह तो हम हमेशा जानते हैं, लेकिन इसे किस तरह से किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए और हमें यह तय करने के लिए वकील को सुनना होगा। बता दें कि “पीठ में जस्टिस बी आर गवई, ए एस बोपन्ना, वी रामसुब्रमण्यम और बी वी नागरत्ना भी शामिल हैं।