बाली में प्रवासी भारतीयों से प्रधानमंत्री ने कहा “2014 के बाद आया बड़ा अंतर, भारत अब छोटा नहीं सोचता”

जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर एक कार्यक्रम में इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के बीच “घनिष्ठ सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों” पर भी प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया के बाली में कहा, “2014 से पहले और 2014 के बाद भारत में बड़ा अंतर रहा है”, और यह अंतर विकास की “गति और पैमाने” में है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत अभूतपूर्व गति और असाधारण पैमाने पर काम कर रहा है। भारत अब छोटा नहीं सोचता।‘

उन्होंने कहा कि “अगर यह एक मूर्ति बनाता है, तो यह दुनिया में सबसे बड़ी होगी। अगर स्टेडियम बनता है तो यह दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम भी होगा।“

उसी समय, मोदी ने कहा, भारत एक “स्वार्थी” राष्ट्र नहीं है, और जब यह “अमृत काल” के दौरान अपने विकास के लिए एक रोड मैप तैयार करता है – अगले 25 वर्षों में, स्वतंत्रता के 100 वर्षों तक – “आर्थिक और राजनीतिक दुनिया की आकांक्षाएं भी इसमें शामिल हैं।

मोदी ने आगे कहा कि “आज दुनिया को भारत से उम्मीदें हैं और भारत इसे अपनी जिम्मेदारी मानता है, इसे एक दायित्व के रूप में देखता है … हम एक बेहतर दुनिया की ओर आगे बढ़ने के लिए दृढ़ हैं।”