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सीईआरटी-इन और मास्टरकार्ड इंडिया ने वित्‍तीय क्षेत्र में भारत की साइबर सुदृढ़ता बढ़ाने के लिए साइबर सुरक्षा में सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

दोनों संस्थाएँ वित्तीय की क्षेत्र साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए अपनी साझा विशेषज्ञता का लाभ उठाएंगी

 

नई दिल्ली। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के तहत काम करने वाला एक सरकारी संगठन है। सीईआरटी-इन को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B के तहत साइबर सुरक्षा घटना की प्रतिक्रिया के लिए राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में सेवा देने के लिए नामित किया गया है। सीईआरटी-इन ने वित्तीय क्षेत्र से संबंधित साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और सूचनाएं साझा करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए मास्टरकार्ड के साथ हाथ मिलाया है। दोनों संस्थाओं ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत वे विशिष्ट रूप से वित्तीय क्षेत्र से संबंधित साइबर खतरे की खुफिया जानकारी और उन्नत मैलवेयर विश्लेषण को आपस में साझा करके, साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया, क्षमता निर्माण, के क्षेत्र में वित्तीय क्षेत्र के संबंध में अपनी साझा विशेषज्ञता से एक-दूसरे का लाभान्वित करेंगी।
इस आपसी समझ के अनुसार, मास्टरकार्ड और सीईआरटी-इन, साइबर क्षमता निर्माण, नवीनतम बाजार रुझानों और वित्तीय क्षेत्र के संगठनों की साइबर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम अभ्यासों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करेंगी। दोनों संस्थाएं भारत के वित्तीय क्षेत्र की सूचना सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रासंगिक साइबर खतरों के रुझान, तकनीकी जानकारी, खतरे की खुफिया जानकारी और भेद्यता रिपोर्ट भी साझा करेंगी।
“साइबर सुरक्षा समय की जरूरत है और प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर लोग सुरक्षित रहें, क्योंकि यह सुनिश्चत करना जमीन पर नहीं बल्कि साइबरस्पेस में लड़े जाने वाले युद्ध के समान है। मुझे विश्वास है कि यह हमारी एक ऐसी महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो न केवल दोनों संस्थाओं को बल्कि जनता को भी बड़े पैमाने पर लाभान्वित करेगी”, श्री जितिन प्रसाद, राज्य मंत्री, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय; और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, ने कहा।
सुरक्षा के लिए मास्टरकार्ड का व्यापक दृष्टिकोण, नवीनतम एआई प्रौद्योगिकी के माध्यम से अपने सिस्टम की रक्षा करते हुए अपने भागीदारों और ग्राहकों को साइबर जोखिम की ज्यादा गहरी समझ देता है और इन जोखिमों को पहचानते हुए खुद को ज्यादा मजबूत बनाने और जोखिमों को सहने की क्षमता देता है। भारत के वित्तीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र ने देश में अभूतपूर्व विकास को गति दी है और इसे और भी मजबूत करने के लिए, सीईआईटी-इन के साथ सहयोग का हाथ बढ़ाते हुए हमारी कंपनी बहुत गर्व अनुभव कर रही है”, मास्टरकार्ड में दक्षिण एशिया के डिवीजन प्रेसिडेंट श्री गौतम अग्रवाल ने कहा।

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