Assam Mizoram Conflict : असम-मिजोरम के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

असम सरकार ने एडवाइजरी जारी कर असम के लोगों को मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह दी है।कांग्रेस का कहना है कि ये पीएम मोदी की नाकामी ही है कि एक राज्य एडवाइजरी जारी कर अपने निवासियों को दूसरे राज्य में जाने से मना कर रहा है।

नई दिल्ली। असम और मिजोरम की सीमा पर तनाव अभी भी कायम है। असम सरकार ने राज्य के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है कि वे मिजोरम नहीं जाएं। साथ ही तीन जिलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इस एडवाइजरी के सार्वजनिक होने के बाद ही कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को विफल बताया जा रहा है।

असम सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग के सचिव और उपायुक्त एमएस मनीवन्नन की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है, ‘मौजूदा कठिन हालात को देखते हुए असम के नागरिकों को मिजोरम यात्रा नहीं करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि असम के नागरिकों की निजी सुरक्षा को किसी भी तरह का खतरा स्वीकार्य नहीं है।’

कांग्रेस का कहना है कि ये पीएम मोदी की नाकामी ही है कि एक राज्य एडवाइजरी जारी कर अपने निवासियों को दूसरे राज्य में जाने से मना कर रहा है। यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे शर्मनाक दिनों में से एक है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रहे हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस फैसले को शर्मसार करने वाला बताया है। सुरजेवाला ने ट्वीट के जरिए असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा और गृहमंत्री पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘देश के इतिहास में सबसे शर्मसार करने वाला दिन! जब देशवासी एक प्रांत से दूसरे प्रांत में न जा पाएं, तो क्या मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को अपने पद पर बने रहने का अधिकार है? मोदी है तो यही मुमकिन है!’ घटना से दो दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर-पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से शिलॉन्ग में बैठक की थी।

भाजपा ने कहा कि पुरानी पार्टी ने विवादास्पद मामलों से बचने के लिए पलायनवादी रवैया अपनाया था। आरोप लगाया कि सीमावर्ती राज्यों द्वारा असम के कई लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर वर्षों से कब्जा कर लिया गया है, क्योंकि कांग्रेस, जो आजादी के बाद से अधिकांश समय सत्ता में थी।

दूसरी ओर, मिजोरम सरकार ने गृह मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह असम सरकार को इस तरह की गतिविधियों से परहेज करने और आगे के संघर्ष से बचने के लिए अंतर-राज्यीय सीमा पर तैनात टुकड़ियों को वापस लेने के निर्देश जारी करे। बता दें कि कुछ दिन पहले असम और मिजोरम सीमा पर जमीन विवाद को लेकर हुए तनाव के कारण हुई गोलीबारी में असम पुलिस के कम से कम छह जवानों की मौत हो गई और एक पुलिस अधीक्षक समेत 50 अन्य घायल हो गए।