मदन मित्रा के रिटायरमेंट प्लान पर दिलीप घोष ने दी प्रतिक्रिया, कहा “ममता बनर्जी की पार्टी ड्रामा पार्टी में बदल गई है”

मदन मित्रा के बारे में बात करते हुए, घोष ने अपने “रिटायरमेन्ट प्लान” के बारे में भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा जब तक सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, ये लोग भी चुप थे।

हाल ही में, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ट नेता और 5 बार विधायक रह चुके तापस रे ने कहा कि जल्द ही राजनीति छोड़ सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीएमसी के एक अन्य दिग्गज और ममता बनर्जी के लंबे समय से सहयोगी रहे मदन मित्रा के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने भी राजनीति छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी।

ऐसे समय में जब बंगाल में टीएमसी में उथल-पुथल चल रही है, दिग्गज नेताओं के “राजनीति छोड़ने की इच्छा” वाले बयान सवाल खड़े करते हैं कि क्या नेता समय को देखते हुए पार्टी से बाहर निकलने की तलाश में हैं या ये पार्टी के भीतर अपनी स्थिति सुधारने के लिए सिर्फ रणनीति का हिस्सा है?

वहीं इस बारे में बात करते हुए, बंगाल के भाजपा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “इसे ‘सासन बैराग्य’ के रूप में जाना जाता है। इसका मतलब है कि जब लोग श्मशान घाट जाते हैं, तो उन्हें ये भावनाएं मिलती हैं ‘क्या है’ जीवन की बात?’, ‘सब कुछ खत्म हो जाएगा’। यही इन टीएमसी नेताओं के साथ हो रहा है।“

मदन मित्रा के बारे में बात करते हुए, घोष ने अपने “रिटायरमेन्ट प्लान” के बारे में भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा “जब तक सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, ये लोग भी चुप थे। यह सिर्फ नाटक है, टीएमसी ममता बनर्जी की पार्टी एक नाटक पार्टी है, वह (मदन मित्रा) शोर पैदा करने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं। मित्रा खुद इस दौरान जेल में रहे हैं शारदा घोटाला ये सब सीबीआई, ईडी स्कैनर से बचने के लिए सिर्फ एक चाल हो सकती है, लेकिन ऐसा होगा नहीं।“