एकनाथ शिंदे ‘शिवसेना नेता’ के पद से बर्खास्त, प्रवक्ता ने कहा इससे शिंदे को कोई फर्क नहीं पड़ेगा

शिंदे को लिखे एक पत्र में, ठाकरे ने कहा, “आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और स्वेच्छा से शिवसेना की सदस्यता भी छोड़ दी है, इसलिए, शिवसेना पक्ष प्रमुख के रूप में मुझे निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं आपको संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटाता हूं।“

महाराष्ट्र:शिवसेना की लीडरशिप के खिलाफ विद्रोह करने के बाद, अब उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना नेता के पद से बर्खास्त कर दिया है। ठाकरे के इस फैसले को शिवसेना के बागी विधायकों के खिलाफ पहली अनुशासनात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि इस निर्णय में 11 शिवसेना नेताओं की भागीदारी है।

शिंदे को लिखे एक पत्र में, ठाकरे ने कहा, “आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और स्वेच्छा से शिवसेना की सदस्यता भी छोड़ दी है, इसलिए, शिवसेना पक्ष प्रमुख के रूप में मुझे निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं आपको संगठन में शिवसेना नेता के पद से हटाता हूं।“

वहीं, आने वाले दिनों में शिवसेना शिंदे के खिलाफ इस आधार पर अयोग्यता की कार्यवाही भी शुरू करेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ दी है। वहीं शिंदे को शिवसेना विधायक दल के नेता पद से पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है और उनकी जगह विधायक अजय चौधरी को नियुक्त किया गया है, जबकि विधायक सुनील प्रभु को मुख्य सचेतक बनाया गया है।

बता दें कि शिंदे को हटाए जाने के बाद इस मसले पर शिंदे के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने कहा कि वह इस कदम से हैरान नहीं हैं। “इससे शिंदे को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अब वह विधायक दल के नेता और मुख्यमंत्री हैं।”