अंग्रेजी संचार का माध्यम है, बुद्धि का पैमाना नहीं: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में लॉन्च हुई 5जी टेलीकॉम सेवा देश में शिक्षा व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाएगी।

केंद्रीय मंत्री द्वारा एमबीबीएस छात्रों के लिए हिंदी पाठ्यपुस्तकों को लॉन्च करने के तीन दिन बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पहले अंग्रेजी को संचार का माध्यम होने के बावजूद बौद्धिक होने का मानदंड माना जाता था। स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल की वकालत करते हुए उन्होंने कहा, “पहले, अंग्रेजी भाषा का ज्ञान बौद्धिक होने की निशानी माना जाता था। वास्तव में अंग्रेजी भाषा संचार का माध्यम मात्र है।“

बता दें कि प्रधानमंत्री ने गांधीनगर जिले के अदलज शहर में गुजरात सरकार के मिशन स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पहल की शुरुआत के दौरान यह बात कही। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जो लोग अंग्रेजी से असहज हैं वे पीछे न रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में शुरू की गई 5जी दूरसंचार सेवा देश में शिक्षा प्रणाली को अगले स्तर पर ले जाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 5जी सेवा स्मार्ट सुविधाओं, स्मार्ट क्लासरूम और स्मार्ट टीचिंग से आगे निकल जाएगी। यह हमारी शिक्षा प्रणाली को अगले स्तर पर ले जाएगा।