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किसानों के लिए लाई गई फ्री बिजली योजना किसानों के साथ धोखा, शर्तों में बदलाव से होगा लाभ

 

लखनउ।उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ बिजली का मुद्दा गरमाया हुआ है। उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में बडी संख्या में किसानों ने उठाई आवाज कहा किसानों के लिए लाई गई फ्री बिजली योजना फसाने वाली योजना यह किसानों के साथ धोखा इस पर पावर कॉरपोरेशन करें पुनर्विचार और शर्तों में करें बदलाव तभी सत प्रतिसत किसान ले पाएंगे लाभ।
प्रदेश के किसानों ने कहा सरकार के लघु सिंचाई का नियम 300 मीटर पर एक ही बोरिंग का प्रावधान फिर कुछ अभियंता मनमानी कर रहे कह रहे किसान को देना होगा शपथ पत्र व दूसरे को नहीं दे सकता पानी जब एक सीमित मीटर रीडिंग की है शर्त तो फिर यह शर्त किसानों के साथ धोखा।
उपभोक्ता परिषद में किसानों की बात मानी पूरे मामले पर पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से करूंगा बात अनाप-शनाप शर्तों का ही नतीजा अभी तक केवल 64652 किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन इसलिए पावर कॉरपोरेशन अपनी शर्तों में करें बदलाव और बिना शर्त किसानों को दे फ्री बिजली का लाभ।
उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबीनार में जुडे एक संविदा कर्मी ने कहा पूरे प्रदेश में इस समय रुपया 8000 पाने वाले संविदा कर्मी पर ब्रेकडाउन अटेंड करने का बहुत दबाव जिससे अनेकों जगह उनकी हो रही मौत उनकी जिंदगी तबाह समान काम समान वेतन हो लागू और उन्हें सेफ्टी के उपकरण दिए जाएं।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा चलाए जाने वाले प्रदेश व्यापी साप्ताहिक वेबीनार में आज बडे पैमाने पर शामिल विद्युत उपभोक्ताओं व किसानों ने एक स्वर में आवाज उठाई कि किसानों के लिए फ्री बिजली योजना को पावर कारपोरेशन ने लागू तो किया है लेकिन उसमें जो शर्तें लागू की है वह किसानों के साथ बडा धोखा है भारतीय किसान यूनियन के नेता अनूप कुमार मौर्य किसान निर्दोष सिंह राजपाल सिंह ने कहा लघु सिंचाई का नियम है की 300 मीटर के अंदर एक ही किसान की बोरिंग होगी और उल्टे कुछ अभियंता मनमानी कर रहे कह रहे फ्री योजना का लाभ लेने में कोई किसान किसी को पानी नहीं देगा उन्हें या पता ही नहीं है की 300 मीटर के अंदर एक ही किसान बोरिंग कराता है और वह सभी को पानी देता है इस आधार पर दूसरी जगह दूसरा किसान एक दूसरे की मदत करता है एक तरफ निश्चित यूनिट की शर्त है दूसरी तरफ और भी तमाम शर्तों या गलत है इस पर पावर कारपोरेशन को पुनर्विचार करना चाहिए साथ ही यह भी मुद्दा उठाया कि जब किसानों के लिए 50प्रतिसत की छूट दी छूट थी तो वह ज्यादा फायदेमंद थी अब जो छूट आई है वह किसानों को फसाने वाली योजना है इसीलिए किसान उसका लाभ नहीं ले रहे हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा किसानों द्वारा फ्री बिजली योजना की शर्तों में बदलाव का जो मुद्दा उठाया गया है निश्चित ही उस पर उपभोक्ता परिषद प्रबंधन से बात करेगा अभी तक पूरे प्रदेश में लगभग 15 लाख किसानों में से केवल 64652 किसानों ने ही फ्री योजना हेतु रजिस्ट्रेशन कराया है इससे यह बात सिद्ध हो गया है कि किसानों को यह योजना पूरी तरह फसाने वाली लग रही है इसलिए इस पर पावर कारपोरेशन को अभिलंब पुनर्विचार करना चाहिए और किसानों को लाभ देने के लिए उसमें बदलाव करना चाहिए जिससे सत प्रतिशत किसान इसका लाभ ले पाए प्रदेश का किसान अपने खेत की सिंचाई मीटर देखकर नहीं करता बल्कि आवश्यकता देखकर करता है।
आगरा से जुड उपभोक्ता मयंक कुमार ने कहा उनके बरौली फीडर पर केवल 15 से 16 घंटे ही विद्युत आपूर्ति मिलती है इसी प्रकार बनारस से जुडे उपभोक्ता पवन सिंह ने नेट मीटरिंग पर बिलिंग ना होने का मुद्दा उठाया जिस पर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने दोनों मामलों पर संबंधित अधिशासी अभियंता से बात कर समस्या का समाधान करने को कहा एक संविदा कर्मी संदीप कुमार गुप्ता ने कहा की वर्तमान में पूरे प्रदेश में बडे पैमाने पर विद्युत दुर्घटनाएं हो रही है संविदा कर्मी मार रहे हैं इसका मुख्य कारण उनके ऊपर प्रेशर बनाया जा रहा है चारों तरफ से ब्रेकडाउन पर उन्हें पर फोन आता है 8000 का वेतन पाने वाले लोगों का जीना दूभर है इसलिए इस पर भी प्रबंध ध्यान दें और समान कार्य समान वेतन लागू करें इसी प्रकार उपभोक्ता आकिब अंसारी प्रमोद डांगर अनुराग माही विनोद कुमार गुप्ता सहित अन्य विद्युत उपभोक्ताओं ने भी विद्युत आपूर्ति को लेकर मुद्दा उठाया और कहा ब्रेकडाउन होने पर उसका निस्तारण समय से नहीं किया जाता और 1912 पर उपभोक्ताओं को समस्या के झूठे निस्तारण की रिपोर्ट दी जाती है इस पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

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