Happy birthday kailash kher: कभी बिजनेसमैन बनना चाहते थे कैलाश, जानिए कैसे बने बॉलीवुड के इतने बड़े सिंगर

कैलाश खेर को गाना “अल्लाह के बंदे” के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड्स “चांद शिफारिश” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड्स, सोलो एल्बस और “तेरे लिए” के लिऐ इंडियन टेली अवॉर्ड और “पांडागला दिगिवच्चव” के लिए नंदी अवॉर्ड मिल चुका है।

मुंबई: वैसे तो बॉलीवुड को कई गायकों ने अपनी आवाज दी है और लोगों में अपनी पहचान बनाई है। ऐसे ही एक गायक हैं कैलाश खेर जिन्होंने न केवल अपनी आवाज से लाखों लोगों का दिल जीता बल्कि अपनी एक अलग पहचान भी बनाई। आज 7 जुलाई को इनका जन्मदिन है।

सूफियाना अंदाज वाले कैलाश खेर का जन्म 7 जुलाई 1973 में उत्तर प्रदेश में हुआ था। कैलाश खेर के पिता पंडित मेहर सिंह खेर लोकगायक थे, जो लोक संगीत गाया करते थे और उन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने 4 साल की उम्र से ही गाना शुरु कर दिया था। कैलाश खेर के परिवार वाले यह नहीं चाहते थे कि वह संगीत मे रुचि ले और संगीत को अपना करियर बनाएं। यह सब देखकर कैलाश ने 13 साल की उम्र मे ही अपना घर छोड़ दिया और म्यूजिक की क्लास मे अपना नाम लिखवा लिया था। बता दें कि इस दौरान कैलाश पेट भरने के लिए स्टूडेंट को म्यूजिक का ट्यूशन भी दिया करते थे।

कैलाश खेर ने किया था आत्महत्या का प्रयास

साल 1999 मे उन्होंने अपने दोस्त के साथ मिलकर एक बिजनेस में अपना नाम बनाना चाहा लेकिन उन्हें इस बिज़नेस मे लाखों रूपए का नुकसान हो गया जिसके बाद वह डिप्रेशन में चले गए और आत्महत्या करने का भी प्रयास किया।
कैलाश खेर ने अब तक 18 भाषाओं मे गाने गाए हैं, वहीं कैलाश 300 से अधिक गीत बॉलीवुड में गा चुके हैं।

अवॉर्ड्स

कैलाश खेर को गाना “अल्लाह के बंदे” के लिए स्टार स्क्रीन अवार्ड्स “चांद शिफारिश” के लिए फिल्मफेयर अवार्ड्स, सोलो एल्बस और “तेरे लिए” के लिऐ इंडियन टेली अवॉर्ड और “पांडागला दिगिवच्चव” के लिए नंदी अवॉर्ड मिल चुका है।
वहीं कैलाश खेर कई सारे टेलीविजन और रियल्टी शो के भी पार्ट रह चुके हैं जैसे इंडियन आईडिल, एमटीवी इत्यादि। कैलाश ने कई सारे कंसर्ट भी किए हैं और इनके कई कंसर्ट इंटरनेशनल लेवल पर भी अयोजित हो चुके हैं।