Happy birthday: नसीरुद्दीन शाह मना रहे हैं अपना 72 वां जन्मदिन, 100 से ज्यादा फिल्मों में कर चूके हैं अदाकारी

नसीरुद्दीन का जन्म बाराबंकी में एक नवाब परिवार में हुआ था। इनके पिता सरकारी विभाग में बड़े अधिकारी थे और वो शाह को भी सरकारी अधिकारी या डॉक्टर बनाना चाहते थे लेकिन शाह की रुचि एक्टिंग में थी

फिल्म निशांत से करियर की शुरूआत करने वाले अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का आज 20 जुलाई को जन्मदिन है। दिग्गज अभिनेता आज अपना 72 वां जन्मदिन मनायेंगे।

नसीरुद्दीन का जन्म बाराबंकी में एक नवाब परिवार में हुआ था। इनके पिता सरकारी विभाग में बड़े अधिकारी थे और वो शाह को भी सरकारी अधिकारी या डॉक्टर बनाना चाहते थे लेकिन शाह की रुचि एक्टिंग में थी और उन्होंने इसके लिए दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से एक्टिंग भी सीखी है।

शाह ने 45 साल पहले अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की थी और अब तक 100 से ज्यादा फ़िल्मों में शाह ने अपनी अदाकारी दिखाई है।

फिल्में

(2005) पहेली, इकबाल, होम डिलीवरी, बींग साइरस , मैं मेरी पत्नी और वो (2004)  असंभव , मैं हु ना,(2003) तीन दीवारें ,मकबूल, द लीग ऑफ, एक्सट्राऑर्डिनरी जेंटलमैन, (2002) एनकाउन्टर(2001) कसम, मोक्ष, मानसून ,वैडिंग, मुझे मेरी बीवी से बचाओ, गुरु महागुरु (2000)तूने मेरा दिल ले लिया , हे राम, गज गामिनी, (1999) सरफ़रोश, भोपाल एक्सप्रेस (1998) चाइना गेट,  दंड नायक , धूँढते रह जाओगे ,सर उठा के जियो (1997)अग्निचक्र, दावा,  लहू के दो रंग, प्राइवेट डिटेक्टिव (1996) चाहत, राजकुमार, हिम्मत उनकी कुछ फिल्में रही हैं।

पुरस्कार

शाह को फिल्म मासूम के लिए (1984) में फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिला है तो वहीं (1982) में फिल्म चक्र के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार और(1981) में आक्रोस के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार मिल चुके हैं।

नसीरूद्दीन शाह को 1987 में पद्म श्री और 2003 में पद्म भूषण से सम्मानित भी किया गया है। (1979) में फ़िल्म ‘स्पर्श’ (Sparsh) और (1984) में फ़िल्म ‘पार’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ट अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। (2006) में फ़िल्म ‘इकबाल’ के लिए नसीरुद्दीन शाह को सर्वश्रेष्ट अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। (1981) में फ़िल्म ‘आक्रोश’, (1982) में फ़िल्म ‘चक्र’ और (1984) में फ़िल्म ‘मासूम’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फ़िल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित किया गया।

वर्ष (2000) में उन्हें “संगीत नाटक अकादमी अवार्ड” से भी सम्मानित किया जा चुका है। शाह ने बतौर निर्देशक भी काम किया है, जैसे- फिल्म यू होता तो क्या होता (2006) में काम किया है।

अपनी अलग शैली और अभिनय कला की वजह से आज भी बॉलीवुड में उन्हें सम्मान दिया जाता है। आने वाले दिनों में उनकी कई फ़िल्में आने वाली हैं जिनसे उनके प्रशंसकों को काफी उम्मीदें हैं।