दिल्ली सहित कई शहरों में चल रही है लू, मौसम विभाग ने कहा इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून रहेगी सामान्य

नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली सहित कई शहरों में लू के थपेड़े से लोगों का बुरा हाल है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इतनी गर्मी से आम जनजीवन बेहाल हो रहा है। इसके बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कहा गया है कि इस साल साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य रहने की संभावना है। प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी भाग, मध्य भारत, हिमालय की तलहटी और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीप के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

मैदानी इलाकों दिल्‍ली-एनसीआर सहित जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्‍थान, पूर्वी और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है. पिछले कुछ दिनों के कई इलाकों में लू की स्थिति गंभीर हो गई थी। अब पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के साथ-साथ पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में इस मौसम की पहली धूल भरी आंधी आने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कहा गया कि बारिश 1971-2020 की अवधि के 87 सेंटीमीटर दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 96 से 104 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के लिए 1971-2020 (अवधि) के आंकड़ों के आधार पर अखिल भारतीय स्तर पर बारिश की गणना की गई है। इसके अनुसार, भारत में 868.6 मिलीमीटर वर्षा होने की संभावना है। यह 1961-2010 अवधि की सामान्य वर्षा 880.6 मिलीमीटर की जगह लेगा।

गत वर्ष 2021 में जून से सितंबर के बीच चार महीने के दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान देश में ‘‘सामान्य’’ वर्षा हुई थी। लगातार तीसरे वर्ष देश में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। 2019 और 2020 में बारिश सामान्य से अधिक हुई थी। आईएमडी मई के अंत में मानसून के मौसम के लिए एक अद्यतन पूर्वानुमान जारी करेगा। मौसम विभाग ने कहा कि भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ‘ला नीना’ की स्थिति के मानसून के दौरान जारी रहने की संभावना है। साथ ही, हिंद महासागर के ऊपर बनी तटस्थ हिंद महासागर द्विध्रुव (आईओडी) की स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम की शुरुआत तक ऐसे ही रहने की संभावना है। इसके बाद आईओडी की स्थिति नकारात्मक हो सकती है।