Jammu-Kashmir : जज्बा देखना है तो यहां आइए, कई किलोमीटर पैदल चलकर जाती है वैक्सीन लगाने

जम्मू कश्मीर में विपरीत परिस्थितियों में भी आशा वर्करों और स्वास्थ्य विभाग के लोग कई किलोमीटर की यात्रा करते हैं। लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए जाते हैं। लोगों की समझाइश भी करते हैं।

श्रीनगर। पूरे देश में कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद भी लोग कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाते। स्वास्थ्य कर्मी एक केंद्र पर बैठकर लोगों के आने का इंतजार करते हैं। हर जगह ऐसी ही बात हो, ऐसी स्थिति नहीं है। जम्मू-कश्मीर के कई दुर्गम इलाके में स्वास्थ्यकर्मी कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर जाते हैं। रास्ते में छोटी नदी लाने आदि को पार करते हैं। उसके बाद गांव पहुंचते हैं। जम्मू कश्मीर में विपरीत परिस्थितियों में भी आशा वर्करों और स्वास्थ्य विभाग के लोग कई किलोमीटर की यात्रा करते हैं। लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने के लिए जाते हैं। लोगों की समझाइश भी करते हैं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी में स्वास्थ्य विभाग की टीम दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में वैक्सीन लगाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर जा रही है। इस काम में कई महिलाएं भी हैं, जो अपने कर्तव्य का बेहतर पालन कर रही है। उन लोगों से बात कीजिए तो कहती हैं कि हमें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसका पालन करना है। लोगों को सुरक्षित करना है, तो वैक्सीन लगाना होगा।

कोटरंका के तहसीलदार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी बारिश में भी 3-4 किलोमीटर पैदल चलकर जाते हैं। उनका काम शब्दों में बताना मुश्किल है। वहीं, एक गांव के सरपंच ने कहा कि मेरे पास इनकी तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं। मैं जिला प्रशासन के सभी लोगों का शुक्रिया कहना चाहता हूं। आशा वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के लोग बहुत मेहनत कर रहे हैं। ये नदी पार करके बहुत जोखिम उठाकर काम करने जा रहे हैं।