ओडिशा तट से भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण, जानिए क्या हैं इसकी खूबियाँ

भारतीय सेना ने DRDO के साथ मिलकर ओडिशा के चांदीपुर में पृथ्वी द्वितीय मिसाईल का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण से पहले भी इसका दो साल पहले परीक्षण किया गया था।

नई दिल्ली। भारत ने बुधवार शाम ओडिशा तट के एक परीक्षण रेंज से सतह से सतह पर मार करने वाली स्वदेशी परमाणु मिसाइल पृथ्वी-II का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इससे पहले हाल ही में लगभग 10 दिन पहले सेना ने अपनी परमाणु-सक्षम अग्नि मिसाइल का भी नियमित परीक्षण किया था। यानी यह कहा जा सकता है कि लगभग 10 दिन के अंतराल में कम दूरी की मारक क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइल का यह दूसरा परीक्षण है।

रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, पृथ्वी-द्वितीय मिसाइल का परीक्षण शाम करीब साढ़े सात बजे ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण रेंज से किया गया। मंत्रालय ने आगे कहा कि मिसाइल ने परीक्षण के दौरान निर्धारित किए गए सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों को संतुष्ट किया है। बयान में कहा गया कि “मिसाइल एक सिद्ध प्रणाली है जो बेहतरीन सटीकता के साथ लक्ष्य को भेद सकती है।”

तीन पृथ्वी मिसाइल की थी योजना

इस मिसाइल की शुरुआत साल 1983 में शुरु हुए इंटिग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP) के तहत हुईं थी तथा पृथ्वी द्वितीय मिसाइल का निर्माण प्रोजेक्ट डेविल के तहत किया गया था। बता दें कि इस तरह की तीन मिसाइलें बनाए जाने की योजना थी। पहली मिसाइल पृथ्वी-1 जो भारतीय थल सेना के लिए बनाई जानी थी। इसकी रेंज 150 किलोमीटर थी जिसमें 1000 किलोग्राम वजनी हथियार लगाए जा सकते थे।

दूसरी मिसाइल पृथ्वी-2 जिसे भारतीय वायु सेना के लिए बनाए जाने की योजना थी। इसकी रेंज 350 किलोमीटर थी तथा इसमें 500 किलोग्राम वजनी हथियार लगाए जा सकते हैं। वहीं तीसरी और आखरी मिसाइल पृथ्वी-3 भारतीय नौसेना के लिए बनाया जाना निर्धारित किया गया था। 1000 किलोग्राम वजनी हथियार उठाने की क्षमता रखने वाली इस मिसाइल की रेंज 350 किलोमीटर है।