जस्टिस उदय उमेश ललित होंगे देश के अगले सीजेआई, मुख्य न्यायाधीश एन.वी रमना ने की नाम की सिफारिश

जस्टिस उदय उमेश ललित का जन्म 09 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र में हुआ था। साल 1983 में जस्टिस उदय उमेश ललित बार मे शामिल हुए और 1986 में शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस की।

देश के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश एन. वी रमना का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो रहा है। इससे पहले देश के अगले मुख्य न्यायधीश के नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जस्टिस एन.वी रमना ने अगले चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया ( CJI ) के लिए जस्टिस उदय उमेश ललित के नाम की सिफारिश की है। अगर यह सिफारिश मान ली जाती है तो जस्टिस उदय उमेश ललित देश के अगले CJI होंगे। CJI एन.वी रमना ने सिफारिश का पत्र कानून एवं न्याय मंत्रालय को सौंप दिया है। बता दें कि CJI की नियुक्ति अन्य नियमों के साथ वरिष्ठता के आधार पर होती है। इस समय जस्टिस उदय उमेश ललित सर्वोच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज हैं।

जस्टिस उदय उमेश ललित देश 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे जिनका कार्यकाल 3 माह से भी कम होगा। जस्टिस उदय उमेश ललित इसी साल के नवंबर में सेवानिवृत्त होंगे।

अनेक हाई-प्रोफाइल केसों से जुड़ा है जस्टिस उदय उमेश ललित का नाम

महाराष्ट्र के रहने वाले जस्टिस उदय उमेश ललित का नाम कई हाई-प्रोफइल केसों से जुड़ा है। जस्टिस उदय उमेश ललित ने एक्टर सलमान खान का “काला हिरण शिकार” केस, भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का केस हो या जन्मतिथि से सम्बंधित पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का केस हो ऐसे कई हाई-प्रोफाइल केसों का प्रतिनिधित्व किया है।

2017 में उठे तीन तलाक के मुद्दे पर 5 जजों की पीठ ने तीन तलाक को 3-2 के बहुमत से असंवैधानिक करार दिया था, जहाँ 5 जजों की पीठ में जस्टिस उदय उमेश ललित भी शामिल थे।

कैसा रहा जस्टिस उदय ललित का करियर

जस्टिस उदय उमेश ललित का जन्म 09 नवंबर 1957 को महाराष्ट्र में हुआ था। साल 1983 में जस्टिस उदय उमेश ललित बार मे शामिल हुए और 1986 में शीर्ष अदालत में प्रैक्टिस की। जस्टिस उदय उमेश ललित ने साल 1986 से लेकर 1992 तक पूर्व अटॉर्नी-जनरल, सोली जे. सोराबजी के साथ काम किया। साल 2004 में जस्टिस उदय उमेश ललित को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। जिसके बाद 13 अगस्त 2014 को जस्टिस उदय उमेश ललित की नियुक्ति भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में की गई।