बारिश की अक्षरों के साथ हुई कविताओं की बौछार

भोपाल। शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत संग्रहालय में संस्कृति संचालनालय भोपाल एवं अनन्या विकास एवं जागरुकटा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिशों के साथ कविताओं की बारिश से पूरा सभागृह लगातार तालियों से बरसता रहा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही संस्था के अध्यक्ष अनामिका अवस्थी ने संस्था के बारे में सभी को अवगत कराया। मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पगुच्छ चढ़ाकर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके साथ ही मां सरस्वती की वंदना के लिए सरस्वती वंदना प्रमिला झरबड़े द्वारा कवित्री द्वारा पढ़ी गई।
दिनेश भदौरिया ने इस कार्यक्रम में अपने गीतों से समा बांधा, वहीं चरण सिंह कुकरेजा ने जीवन के पलों को कविता में परोसते हुए अपना कविता पाठ किया। इस कार्यक्रम में प्रेमचंद गुप्ता द्वारा कविता से ओतप्रोत करके श्रोताओं को ताली बजाने पर मजबूर किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे अनिल सोनी द्वारा मातृ शक्ति की तारीफ करते हुए उस पर कविता की गई। साथ ही देशभक्ति के गीतों से पूरे सभागृह को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अशोक व्यग्र द्वारा अपने गीतों से समस्त श्रोताओं को ओतप्रोत किया। श्रोताओ को संगीत को कविता से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष अनामिका अवस्थी, श्रद्धा दुबे, सचिव श्रीनिवास तिवारी सहित संस्था के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।