भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2022: जानिए तिथि, यात्रा का महत्त्व और पूजा का समय

यह त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है।

नई दिल्ली: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 1 जुलाई से ओडिशा के पुरी में शुरू होने जा रही है। इस दौरान देश भर से श्रद्धालु उत्सव में भाग लेने के लिए पवित्र मंदिर की यात्रा करते हैं। इस यात्रा को भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथ उत्सव के रूप में भी जाना जाता है। इस उत्सव को लोग बहुत उत्साह के साथ मनाते हैं।

यह त्योहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि (दूसरे दिन) को मनाया जाता है।

पूजा का समय

द्वितीया तिथि 30 जून को सुबह 10:49 बजे शुरू होगी और द्वितीया तिथि जुलाई को दोपहर 01:09 बजे समाप्त होगी।

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2022 शेड्यूल

  • भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 1 जुलाई, शुक्रवार को शुरू होती है।
  • हेरा पंचमी (मूल रूप से, पहले पांच दिन जब भगवान जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर में निवास करते हैं) 5 जुलाई, मंगलवार को मनाई जाएगी
  •  8 जुलाई शुक्रवार को होंगे संध्या दर्शन
  • बहुदा यात्रा (यह उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भगवान जगन्नाथ की घर वापसी है) 9 जुलाई, शनिवार को होती है तथा सुनबेसा 10 जुलाई, रविवार को होगी।
  • आधार पान अनुष्ठान (रथों पर चढ़ाया जाने वाला एक विशेष पेय) 11 जुलाई को होगा, जबकि सोमवार नीलाद्री बीजे 12 जुलाई, मंगलवार को मनाया जाएगा।

महत्व

माना जाता है कि वर्ष के इस समय के दौरान, भगवान जगन्नाथ अपने भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन, देवी सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं, जो भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर से लगभग तीन किलोमीटर दूर है। वहां आठ दिन रहने के बाद वे वापस मुख्य धाम में आ जाते हैं।