महाराष्ट्र राजनीतिक संकट: शिवसेना के विधायकों के विद्रोह के बाद महाराष्ट्र में भरोसे के समीकरण का बिगड़ा खेल

शिवसेना के विधायकों के विद्रोह के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है। डैमेज-कंट्रोल मोड में, एमवीए गठबंधन के सहयोगियों - कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने अब अपने सभी विधायकों को मुंबई बुला लिया है।

एमएलसी चुनाव के बाद सूरत में छिपे हुए शिवसेना के विधायकों के विद्रोह के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई है। डैमेज-कंट्रोल मोड में, एमवीए गठबंधन के सहयोगियों – कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने अब अपने सभी विधायकों को मुंबई बुला लिया है। यह बैठक महाराष्ट्र के मंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना के 17 विधायकों के समर्थन से राज्य सरकार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने के मद्देनजर हुई है। सूत्रों का दावा है कि इनमें से 11 विधायक पहले से ही भाजपा शासित गुजरात के ले-मेरिडियन होटल में हैं, जबकि नौ सूरत जा रहे हैं।

नवीनतम इनपुट के अनुसार, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने संभावित नतीजों के बीच शीर्ष महा विकास अघाड़ी नेताओं की एक आपात बैठक बुलाई है। शिवसेना से नाराज एकनाथ शिंदे के आज दोपहर सूरत से ही मीडिया को संबोधित करने की संभावना है। इस बीच, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के भी आज दोपहर 2 बजे प्रेस कांफ्रेंस करने की भी उम्मीद है।

बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) 2022 के चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, जिसमे 10 सीटों के लिए महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन और भाजपा ने कुल 11 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। जहाँ नतीजों की संख्या बिलकुल साफ नजर आ रही है, इसमें भाजपा को 5, एनसीपी-शिवसेना को 2-2 और कांग्रेस को 1 सीट मिली है। सूत्रों के हवाले से यह खबर मिली है कि भाजपा को अपनी पांचवी सीट के लिए बाहर से कुल 22 वोटों कि आवश्यकता थी पर वहीं भाजपा को 4 अतिरिक्त वोटों के साथ 26 वोट मिले। पहली वरीयता में कुल 130 वोट ये दिखाते हैं कि राज्यसभा चुनाव की तरह ही शिवसेना, राकांपा (एनसीपी) और कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोट किए हैं।