Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल पुथल के बाद खतरे में उद्धव ठाकरे की कुर्सी, क्या बीजेपी के पाले में जाएगी गेंद?

ठाकरे सरकार के पास उथल पुथल से पहले 153 विधायकों का समर्थन था। लेकिन इनमें से एकनाथ सिंदे अगर दो दर्जन विधायकों ने अगर शिवसेना का साथ छोड़ दिया तो सरकार बहुमत खो देगी।

महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल पुथल के बाद राजनीति गरमा गई है। राजनिति के गरमाने की शुरूआत की मुख्य वज़ह शिव सेना के विधायक और उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री एकनाथ शिंदे का शिवसेना के दर्जनों विधायकों के साथ महाराष्ट्र छोड़ना है। महाराष्ट्र में साल 2019 के बाद से चली आ रही उद्धव ठाकरे की सरकार की कुर्सी अब खतरे में दिखाई दे रही है। बता दें कि सरकार के आधे से अधिक विधायक गुवाहाटी में डेरा डाल चुके हैं।

हालांकि अभी शिवसेना नुकसान की क्षति पूर्ति के लिए हाथ पांव मार रही है और अपने कुछ नेताओं को सूरत भेजा है। वहीं संजय राउत ने इस मामले में कहा है कि विधानसभा भंग की जा सकती है। परंतु राजनीति के जानकारों के अनुसार यदि विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की गई तो दो स्थितियां पैदा होंगी। पहली – भाजपा कहे कि उसके पास बहुमत है इसलिए विधानसभा भंग करने की बजाए उसे बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए। दुसरी स्थिति यह कि यदि राष्ट्रपति शासन लगाया गया तो अगले 6 महीने में चुनाव कराने होंगे। जिसके चांस कम हैं क्योंकि ढाई साल पहले ही यहां चुनाव हुए हैं।

दूसरी तरफ शिवसेना  से विद्रोह करने वाले नेता एकनाथ शिंदे ने सुलह करने के लिए उद्धव ठाकरे के सामने प्रस्ताव रखे हैं। इन प्रस्तावों में देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और खुद को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं दूसरा प्रस्ताव यह है कि शिवसेना अब कांग्रेस और एनसीपी का समर्थन छोड़कर बीजेपी के साथ मिलकर देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार बनाए।

खबरों के मुताबिक शिवसेना के विधायक गुवाहाटी रुके हुए हैं और वहां किसी को आने- जाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में महाराष्ट्र विधानसभा में सरकार के पास विधायकों की संख्या क्या है, सरकार बचेगी या नहीं बचेगी इन सवालों के लिए आईए जानते है क्या है सीटों का गणित-

106 सीटें जीतने के बाद भी सत्ता से दूर थी बीजेपी

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 288 है और सरकार बनाने के लिए यहां किसी भी पार्टी को 145 विधायकों की आवश्यकता है। साल 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 106 सीटें जीती थी, वहीं शिवसेना ने 56 सीटें, एनसीपी ने 53 जबकि कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं। जिसके बाद अघाड़ी के बैनर तले गठबंधन की सरकार बनी थी। हालांकि सरकार बनने के बाद कुछ निर्दलीय और अन्य का समर्थन भी सरकार को मिला था। जिसके बाद उद्धव सरकार के पास 169 विधायक हो गए हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी की बन सकती है सरकार?

महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए वैसे तो 145 विधायकों के समर्थन की आवश्यक्ता है, लेकिन वर्तमान में कुछ विधायक या तो जेल में हैं या फिर पद खाली छूटे हुए हैं। जिसके चलते सरकार बनाने के लिए अब 143 विधायकों की ही आवश्यक्ता है। बता दें कि ठाकरे सरकार के पास उथल पुथल से पहले 153 विधायकों का समर्थन था। लेकिन इनमें से एकनाथ सिंदे अगर दो दर्जन विधायकों ने अगर शिवसेना का साथ छोड़ दिया तो सरकार बहुमत खो देगी।

वहीं बीजेपी के पास फिलहाल 106 विधायक हैं तथा एनडीए के कुल विधायकों की संख्या 113 हैं। जिसके चलते बीजेपी सरकार बनाने का दावा कर सकती है। क्योंकि फिलहाल भाजपा के पास 106 खुद के विधायक, 29 शिवसेना के बागी विधायक तथा 13 निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कुल 148 विधायक बताए जा रहे हैं जो बहुमत से 4 अधिक हैं। इस समीकरण को देखें तो महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार बनना तय है।

एकनाथ शिंदे का प्लान पक्का होने के बाद उद्धव ठाकरे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कहा जा सकता है। हालांकि अभी एकनाथ शिंदे के साथ कितने विधायक हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि मंगलवार की सुबह यह आंकड़ा 12 था, जो बढ़कर 36 हो चुका है। वहीं बुधवार की सुबह गुवाहाटी एयरपोर्ट पर एकनाथ शिंदे के साथ 40 विधायकों को देखा गया है और इन तमाम हालातों को देखते हुए गेंद बीजेपी के पाले में जाती हुई नज़र आ रही है।