मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और नगारो ने मिलाया हाथ, मिलकर एक अद्वितीय सस्टेनेबल मॉडल का निर्माण करेंगे

गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए), गुरूग्राम पुलिस, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन गुरूग्राम (एमसीजी), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और राहगिरी फाउंडेशन के साथ मिलकर सनाथ रोड का जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण किया गया।


गुरूग्राम।
डिजिटल इंजीनियरिंग के ग्लोबल लीडर, नगारो ने एक नया साझेदारी मॉडल विकसित करने के लिए भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के साथ हाथ मिलाया है। यह मॉडल सुरक्षित और समावेशी सडकों के निर्माण के लिए निजी संगठनों, और सरकारी निकायों को एक साथ लाने का प्रयास करता है।

सनाथ रोड पुनर्विकास परियोजना में जीएमडीए, नगारो, एमएसआईएल, एमसीजी, डीएचबीवीएन और राहगिरी फाउंडेशन मिलकर एक सस्टेनेबल मॉडल का निर्माण करेंगे। यह मॉडल दुनिया को इसी प्रकार के बदलाव लाने की प्रेरणा देता है। यह बदलाव एक सस्टेनेबल, समावेशी और राहगीरों के लिए एक सुरक्षित सड़क के विकास में एक महत्वपूर्ण माईलस्टोन है।

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत के मौके पर सनाथ रोड के किनारे वृक्षारोपण अभियान भी शुरू किया गया। इस मौके पर 150 से अधिक स्वयंसेवकों ने वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया और 600 पौधे लगाए। यह पहल सस्टेनेबल और हरित भविष्य के लिए कॉरपोरेट और स्थानीय निकायों की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है।

इस आयोजन के बारे में बात करते हुए श्री मनीष शर्मा (आईएएस), एडिशनल सीईओ, जीएमडीए ने कहा, “यह संयुक्त प्रयास गुरुग्राम के शहरी स्वरूप को फिर से एक नया आकार देने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल है। ।” उन्होंने कहा कि, “इस वृक्षारोपण अभियान की सफलता इस सड़क का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक हरित, पर्यावरण के प्रति जागरूक समुदाय के प्रति हमारे समर्पण को प्रदर्शित करती है।”

श्री राहुल भारती, एक्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर, कार्पोरेट अफेयर्स, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने इस अवसर पर कहा, “हमें सनाथ रोड़ के पुनर्विकास के इस मुनासिब पहल के लिए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और नगारो के साथ पार्टनरशिप को लेकर काफी खुशी हो रही है। हरियाणा में मारुति सुजुकी की मौजूदगी ने इस राज्‍य के आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा दिया है। साथ ही, हम इस बात को लेकर भी संवेदनशील और सचेत हैं कि औद्योगिक गतिविधि स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुकूल होनी चाहिए। इस मार्गदर्शी सिद्धांत के दृष्टिगत, विगत कुछ वर्षों में, हमने अपने हितधारकों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने वाला एक स्थायी मॉडल विकसित किया है। विशेषत: यह पहल हमारे प्रयासों को आगे ले जाने का काम करेगी।”

वृक्षारोपण अभियान पर्यावरणविदों के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है, यहां स्वदेशी प्रजातियों के वृक्ष लगाने पर मुख्य ध्यान दिया जा रहा है। मानसून के मौसम में जलभराव को रोकने के लिए ये पेड़-पौधे लगाए गए हैं।

शहरों के सतत विकास और सामुदायिक कल्याण की दिशा में सड़क के महत्व को रेखांकित करते हुए नगारो के को-फाउंडर एवं सीईओ मानस ह्यूमन ने कहा, “सनाथ रोड सस्टेनेबल, सुविधाजनक और सुरक्षित सड़कों के निर्माण के लिए एक ब्लूप्रिंट जैसी है, हमें उम्मीद है कि पूरे देश में इसी प्रकार का बदलाव लाने के लिए गुरुग्राम जैसी पहल, देश के दूसरे हिस्सों में भी की जाएगी। हम पर्यावरण के प्रति जागरूक और मजबूत समुदाय को प्रोत्साहित करना चाहते है।”

इस स्थिति में, उन उपायों की पहचान करना बहुत जरूरी था जो गड्ढों, नागरिक सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याओं को हल करने में मदद कर सकते हैं, साथ ही पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक सस्टेनेबल समाधान पेश कर सकते हैं। स्थाई विकास को ध्यान में रखते हुए, प्रोजेक्ट के लिए केवल पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का उपयोग किया गया है। यहां वाटर रिचार्ज सिस्टम और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। ये पहल आवासीय, कॉमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास एक पर्यावरण के प्रति जागरूक समुदाय बनाने के लिए संरेखित हैं।

राहगीरी फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी सारिका पांडा भट्ट ने कहा, “सनात रोड गुरुग्राम में वाकई अनूठा और बहुत ही जटिल मार्ग है, जिसकी विविध जनसांख्यिकी और बहुआयामी प्रयोज्यता से चरित्रित होता है। यह सड़क पर्यावरणीयता, समावेशीता और सुरक्षा के उदाहरण के रूप में विकसित होने के लिए तैयार है – केवल गुरुग्राम में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में भी। सनाथ रोड के सफल पुनर्निर्माण का आलंब है, जो आशा की एक दीपक के रूप में काम करता है, दिखाता है कि गुरुग्राम, हरियाणा, या भारत की कोई भी सड़क अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए एक जीवंत परिवर्तन का सामर्थ्य हो सकता है।”

इस प्रोजेक्ट में काफी सोच विचार के बाद 94 एंट्री और एक्जिट पॉइंट रखे गए हैं। इसी के साथ ही सीसीटीवी कैमरे,
स्मार्ट लाइट और ईवी चार्जिंग जैसी एडवांस तकनीक के साथ सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया है।
इसके अतिरिक्त, यह प्रोजेक्ट पेड़ों के संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल सड़क सामग्री का उपयोग कर पर्यावरणीय सुरक्षा पर जोर देता है।