Monkeypox Virus: मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने की तैयारी में डबल्यूएचओ,जानिए क्यों मंकीपॉक्स है चर्चा में

Monkeypox: चिकित्सा उपकरणों का निर्माण करने वाली प्राइवेट कंपनी ट्रिविट्रान हेल्थकेयर ने शुक्रवार घोषणा की है कि उसने मंकीपॉक्स के संक्रमण का पता लगाने के लिए RT-PCR आधारित एक किट विकसित कर ली है। इस किट के द्वारा कुछ ही मिनट में इस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।

नई दिल्ली। दुनिया के कुछ देशों में मंकीपॉक्स वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन अगले सप्ताह एक जरूरी बैठक करने जा रहा है। इस बैठक में तय किया जाएगा कि इस बीमारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी से जुड़ी चिंता के तौर पर वर्गीकृत करना चाहिए या नहीं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 20 से अधिक देशों में फैल चुके मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने की भी घोषणा की है। प्रेस ब्रीफिंग में, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने कहा ‘डब्ल्यूएचओ दुनिया भर के भागीदारों और विशेषज्ञों के साथ मंकीपॉक्स वायरस का नाम, इसके समूह और इससे होने वाली बीमारी को बदलने पर भी काम कर रहा है। हम जल्द से जल्द नए नामों के बारे में घोषणा करेंगे।‘

वहीं संगठन प्रमुख टेड्रोस एडनोम ने आगे कहा, ‘मंकीपॉक्स का प्रकोप असामान्य और चिंताजनक है। इस कारण से मैंने अगले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत आपातकालीन समिति बुलाने का फैसला किया है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि यह प्रकोप अंतरराष्ट्रीय चिंता के तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है या नहीं।’

क्या है मंकीपॉक्स और इसके प्रमुख लक्षण

यह एक एक संक्रामक बीमारी है जो संक्रमित जानवरों से तथा आमतौर पर रोडेंट से फैलती है। मंकीपॉक्स को पहली बार साल 1958 में मैकाक के समूह से खोजा गया था। वहीं इसके लक्षणों की बात करें तो इसके शुरुआती लक्षण सिरदर्द और बुखार हैं। हालांकि वायरल संक्रमण होने पर बुखार और सिरदर्द सामान्य चीजें हैं। क्योंकि संक्रमण होने से शरीर की रक्षा प्रणाली अपना काम शुरू करती है जिसके चलते सिरदर्द और बुखार होता है। इसके अलावा सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है।

सिंगल रिएक्शन में पता कर पाएंगे रिजल्ट

चिकित्सा उपकरणों का निर्माण करने वाली प्राइवेट कंपनी ट्रिविट्रान हेल्थकेयर ने शुक्रवार घोषणा की है कि उसने मंकीपॉक्स के संक्रमण का पता लगाने के लिए RT-PCR आधारित एक किट विकसित कर ली है। इस किट के द्वारा कुछ ही मिनट में इस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। कंपनी ने अपनी किट के बारे में बताते हुए कहा कि ट्रिविट्रॉन का मंकीपॉक्स रियल-टाइम पीसीआर किट चार रंग के फ्लोरोसेंस पर आधारित है तथा यह सिंगल रिएक्शन फॉर्मेट में चेचक और मंकीपॉक्स के बीच अंतर कर सकता है।