हमारे संस्थानों को भविष्य के अनुकूल बनाने की आवश्यकता: राष्ट्रपति मुर्मू

राष्ट्रपति ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के हीरक जयंती समारोह के समापन समारोह में कहा कि आईआईटी देश का गौरव हैं और उनकी कहानी स्वतंत्र भारत की कहानी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को “आवश्यक ज्ञान” और “सही कौशल” प्रदान करके युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए। राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की मदद से ही हासिल किया जा सकता है।

बता दें कि राष्ट्रपति ने शनिवार को आईआईटी दिल्ली के हीरक जयंती समारोह के समापन समारोह में कहा कि आईआईटी देश का गौरव हैं और उनकी कहानी स्वतंत्र भारत की कहानी है।

राष्ट्रपति का कहना था कि 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा तब तक चौथी औद्योगिक क्रांति के कारण दुनिया में काफी बदलाव आ जायेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य की ताकतों से निपटने के लिए हमें दूरदर्शिता और रणनीतियों की जरूरत है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा “हम भविष्य की अनिश्चितताओं से खुद को बचाने के लिए कदम उठाते हैं, तो हम समृद्ध जनसांख्यिकीय लाभांश प्राप्त कर सकते हैं। हमें अपने संस्थानों को भविष्य के अनुकूल बनाने की जरूरत है। इसके लिए एक नए शिक्षण-शिक्षण मैट्रिक्स, अध्यापन और सामग्री की आवश्यकता होगी जो भविष्योन्मुखी हों।“ उन्होंने आगे कहा “मुझे विश्वास है कि हमारे प्रसिद्ध आईआईटीज के साथ, हम युवा पीढ़ी को चुनौती का सामना करने के लिए आवश्यक ज्ञान आधार और सही कौशल के साथ पोषित करने में सक्षम होंगे। तकनीकी क्रांति की अगली लहर से भारत को अत्यधिक लाभ होगा।“

जलवायु परिवर्तन को एक गंभीर चुनौती मानते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एक उच्च जनसंख्या वाले विकासशील देश के रूप में, आर्थिक विकास के लिए हमारी ऊर्जा की आवश्यकता बहुत अधिक है।