निहाल सरीन: 14 साल की उम्र में ग्रैंडमास्टर की उपाधि पाने वाला भारतीय खिलाड़ी निहाल आज मना रहे हैं अपना जन्मदिन

निहाल का जन्म 13 जुलाई 2004 को भारत के केरल राज्य के त्रिशूर में हुआ था। उनके पिता सरीन अब्दुलसलम पेशे से एक त्वचा विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी मां शिजिन अम्मानम वीटिल उमर एक मनोचिकित्सक हैं।

भारत के युवा चेस खिलाड़ी निहाल सरीन, जिन्होंने महज़ 14 वर्ष की उम्र में ग्रैंडमास्टर की उपाधि हासिल की है। वह आज यानी 13 जुलाई 2022 को अपनी उम्र के 18वें साल के पड़ाव तक पहुँच गए हैं। वह 2600 एलो रेटिंग को पार करने वाले इतिहास के चौथे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने 14 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है। 2020 में ऑनलाइन आयोजित  FIDE शतरंज ओलंपियाड में, भारतीय टीम के हिस्से के रूप में उन्होंने स्वर्ण पदक भी जीता है। वहीं उसी वर्ष ऑनलाइन आयोजित रैपिड प्रारूप में अंडर-18 विश्व युवा चैम्पियनशिप जीती। वह 2019 में खेले गए विश्व कप का हिस्सा होने के साथ सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाड़ी बने, जिसने सिर्फ 15 वर्ष की उम्र में विश्व कप में भाग लिया, और जहां वह दूसरे दौर में पहुंचने में सफल भी रहे।

निहाल का जन्म 13 जुलाई 2004 को भारत के केरल राज्य के त्रिशूर में हुआ था। उनके पिता सरीन अब्दुलसलम पेशे से एक त्वचा विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी मां शिजिन अम्मानम वीटिल उमर एक मनोचिकित्सक हैं। उन्होंने जीवन के शुरूआती कुछ साल कोट्टायम में बिताए। जिसके बाद साल 2011-12 में निहाल और उनका परिवार त्रिशूर चले गए जहाँ उन्होंने देवमथा सीएमआई पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया था।

शुरुआत में मैथ्यू पी. जोसेफ पोट्टूर ने उनको मूल बातें सिखाईं और उनमें चेस के प्रति आकर्षण पैदा किया, जो उनके स्कूल के कोच भी रह चुके हैं। वह 2016 से श्रीनाथ नारायणन के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। वहीं 2016 से ही निहाल ने अपने खेल पर भी स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया है।  2020 के अंत से, निहाल को विश्वनाथन आनंद द्वारा वेस्टब्रिज-आनंद शतरंज अकादमी के खिलाड़ी के रूप में प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। वह एक अच्छे खिलाड़ी के साथ साथ अंग्रेज़ी के बेहतरीन वक्ता भी हैं।