Home खेल संबंधी अब प्लाजमा देने को तैयार हैं सचिन तेंदुलकर

अब प्लाजमा देने को तैयार हैं सचिन तेंदुलकर

तेंदुलकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘मैं एक संदेश देना चाहूंगा जिसे चिकित्सकों ने मुझे देने के लिये कहा है। मैंने प्लाज्मा दान केंद्र का उद्घाटन किया था और उनका संदेश था, यदि सही समय पर प्लाज्मा दिया जाता है तो रोगी जल्दी ठीक हो सकता है। ’’

मुंबई। जो लोग सार्वजनिक जीवन में होते हैं, समय समय पर वो मिसाल पेश करते हैं। ऐसे ही हैं भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) । क्रिकेट (Cricket) के मैदान में उन्होंने अपनी हिम्मत और हुनर का प्रदर्शन किया और क्रिकेट के भगवान तक कहे गए। अब सामाजिक जीवन में भी वो मिसाल पेश कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण से जैसे ही वो उबरे उन्होंने कह दिया कि मैं अब प्लाजमा देने को तैयार हूं।

बता दें कि पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने वह कोविड-19 (COVID19) से उबर गये हैं और जब भी वह प्लाज्मा दान करने के योग्य होंगे तो वह ऐसा करेंगे। शनिवार को अपना 48वां जन्मदिन मना रहे तेंदुलकर को 27 मार्च को कोविड-19 के लिये पॉजीटिव पाया गया था तथा वह एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिये अस्पताल में भी भर्ती रहे थे। तेंदुलकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘मैं एक संदेश देना चाहूंगा जिसे चिकित्सकों ने मुझे देने के लिये कहा है। मैंने प्लाज्मा (Plasma) दान केंद्र का उद्घाटन किया था और उनका संदेश था, यदि सही समय पर प्लाज्मा दिया जाता है तो रोगी जल्दी ठीक हो सकता है। ’’

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने कहा कि मैं निजी तौर पर जब योग्य हो जाऊंगा तब इसे दान करूंगा और मैंने अपने चिकित्सकों से बात की है। तेंदुलकर को आठ अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी मिल गयी थी और वह घर पर ही पृथकवास पर थे। प्लाज्मा (Plasma) दानकर्ता में इसे दान करने से 14 दिन पहले तक किसी तरह के लक्ष्ण नहीं होने चाहिए। इस दिग्गज बल्लेबाज ने कोविड-19 से उबरने वाले लोगों से प्लाज्मा दान करके दूसरों की मदद करने को कहा। उन्होंन कहा कि और आप जो भी कोविड-19 (COVID19) से उबर गये हैं, अपने चिकित्सक से मशविरा करें और जब आप योग्य बन जाएंगे कृपया रक्तदान करें। इससे काफी समस्या का निदान हो सकता है।

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने कहा कि हम जानते हैं कि जब तक हम बीमार रहते हैं तब तक हमारे परिजनों, दोस्तों को कितनी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आपकी प्रार्थनाएं और शुभकामनाओं, मेरे परिवार और मित्रों की प्रार्थनाएं और शुभकामनाओं के साथ सभी चिकित्सकों और उनके सहयोगियों ने मुझे सकारात्मक बनाये रखा जिससे मुझे बीमारी से उबरने में मदद मिली। आप सभी बहुत बहुत धन्यवाद।

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