शक्ति के बिना शांति असंभव”: कारगिल सैनिकों को प्रधानमंत्री ने दिया दिवाली का संदेश

पीएम मोदी ने कारगिल में सैनिकों को अपने "परिवार" के रूप में संबोधित किया और कहा कि वह उनके बिना बेहतर दिवाली नहीं मना सकते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल में सैनिकों से कहा, कि शक्ति के बिना शांति प्राप्त करना असंभव है। यहां तक कि उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। बता दें कि पीएम मोदी वहां तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए कारगिल गए हुए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमनें हमेशा युद्ध को अंतिम विकल्प माना है। चाहे लंका में हो या कुरुक्षेत्र में, इसे रोकने के लिए अंत तक हर संभव प्रयास किया गया। हम विश्व शांति के पक्ष में हैं।

प्रधानमंत्री ने सैनिकों को अपने “परिवार” के रूप में संबोधित किया और कहा कि वह उनके बिना बेहतर दिवाली नहीं मना सकते थे। उन्होंने उनकी बहादुरी की भी प्रशंसा की और कहा कि पाकिस्तान के साथ कोई ऐसा युद्ध नहीं हुआ है जहां कारगिल ने जीत नहीं देखी है।

उन्होंने सैनिकों से कहा कि मेरी दिवाली की मिठास और चमक तुम्हारे बीच है।

साथ ही आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, द्रास, बटालिक और टाइगर हिल उनके साहस के गवाह रहे हैं। उन्होंने कहा, “कारगिल में हमारे सैनिकों ने आतंकवाद को कुचलने में कामयाबी हासिल की है। मैं इस घटना का गवाह हूं।“

2014 में सत्ता में आने के बाद से विभिन्न सैन्य सुविधाओं पर दिवाली मना रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि तीनों रक्षा बलों – सेना, नौसेना और वायु सेना – ने आयातित उपकरणों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए कदम उठाए हैं।