वैश्विक महामारी कोरोना काल में भी स्वास्थ सुबिधा से वंचित है बेलगड़िया टाउनशिप के लोग…

इस वैश्विक महामारी कोरोना काल से निपटने के लिए जिला प्रसासन ने बेलगड़िया टाउन सिप में कोई आपातकालीन व्यवस्था नही की है। और ना ही बेलगड़िया के लोग स्वास्थ सुरक्षा के तहत लगाए गए लॉक डाउन का पालन कर रहे है।बढ़ते कोरोना महामारी के वक्त ऐसी लापरवाही का नतीजा भयावह हो सकता है।

आपको बता दे कि झरिया के अग्नि प्रभावित और भूधसान क्षेत्रो से जे आर डी ए और बीसीसीएल के द्वारा लगभग 30 हजार लोगों को विस्थापन कर बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया गया है । और लाखों लोगों का विस्थापन होना अभी बांकी है ।

ये एशिया का सबसे बड़ा विस्थापन मुद्दा है।

विस्थापितों को मनरेगा के तहत 500 दिन की मजदूरी और बीसीसीएल के द्वारा 10 हजार ट्रांसपोर्टिंग तो दी जा रही है । लेकिन इतनी बड़ी आबादी के बीच अस्पताल की व्यवस्था करना ना तो जिला प्रसासन ने जरूरी समझा और ना ही बीसीसीएल ने । यही नही नगर निगम के द्वारा भी बेलगड़िया टाउनशिप में साफ सफाई नही की जाती है । जिसके कारण यहाँ रह रहे लोगो को हमेशा किसी भयानक बीमारी का डर सताता रहता है।

अफसोस की बात तो यह की इस कोरोना महामारी के वक्त भी जिला प्रसासन और बीसीसीएल ने बेलगड़िया टाउनशिप में ना तो स्वास्थ केंद्र की व्यवस्था की ना ही एम्बुलेंस की और ना ही ऑक्सीजन की व्यवस्था अभी तक की गई है। बिना किसी व्यवस्था के एक स्वास्थ केंद्र बनाया तो गया है जिसे कुछ घण्टो के लिए खोल कर सिर्फ वेक्सिन दी जाती है ।

यही नही नगर निगम के द्वारा भी अभी तक बेलगड़िया में सेनिटाइज और साफ सफाई नही कि गई है। इस महामारी के वक्त ऐसी लापरवाही का नतीजा भयावह हो सकता है।

यहां रह रहे लोगो ने जिला प्रसासन से यह मांग की है कि इस महामारी के वक्त चौबीसों घण्टे बेलगड़िया टाउनशिप में स्वास्थ्य केंद्र के साथ साथ एम्बुलेंस और ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाय जिसमे चौबीसों घण्टे डॉक्टर की व्यवस्था हो । नगर निगम के द्वारा साफ सफाई और सेनिटाइज किया जाय। और साथ ही पुलिस के द्वारा क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर लापरवाही बरतने वालो पर सख्ती बरती जाय । तभी हम इस कोरोना महामारी के चेन को तोड़ने में सरकार के साथ साथ जिला प्रसासन की मदद कर सकते है । और हमारा देश कोरोना मुक्त हो सकता है।