प्रधानमंत्री ने बिहार में नालंदा के खंडहरों को देखा

नालंदा की यह धरती विश्व बंधुत्व की भावना को नया आयाम दे सकती है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार में नालंदा के खंडहरों को देखने गए। मूल नालंदा विश्वविद्यालय को विश्व के प्रथम आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है। नालंदा के खंडहरों को 2016 में संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल घोषित किया गया था। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया;”नालंदा के खुदाई किए गए अवशेषों का दौरा करना अनुकरणीय था। यह प्राचीन विश्व के सीखने के सर्वाधिक बड़े स्थानों में से एक पर उपस्थित होने का अवसर था। यह साइट विद्वानों के अतीत की एक गहरी झलक प्रस्तुत करती है जो कभी यहां फला-फूला था। नालंदा ने एक ऐसी बौद्धिक भावना पैदा की है जो हमारे देश में लगातार पनप रही है।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नालंदा का अर्थ है कि जहां शिक्षा और ज्ञान के दाह का अविरल प्रवाह हो। शिक्षा सीमाओं से परे है। नफा-नुकसान के नजरियों से भी परे है। शिक्षा ही हमें गढ़ती है। उसे विचार और आकार देती है। नालंदा में बच्चों का एडमिशन उनकी पहचान और उनकी राष्ट्रीयता को देखकर नहीं होता था। नालंदा में 20 से ज्यादा देशों लोग पढ़ते थे। नालंदा विवि आसियान इंडिया विश्वविद्यालय की दिशा में भी काम कर रही है। 21वीं सदी को एशिया की सदी कहा जा रहा है। हमारा साझा प्रयास दुनिया की नई प्रगति को दिशा देगी।