नागरिक स्वतंत्रता पर अब भी उठ रहे हैं सवाल: अमिताभ बच्चन

अमिताभ बच्चन ने कहा कि अब भी, और मुझे यकीन है कि मंच पर मेरे सहयोगी इस बात से सहमत होंगे कि नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने आज कोलकाता के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह के उद्घाटन के अवसर पर ब्रिटिश सेंसरशिप, अत्याचारियों के खिलाफ स्वतंत्रता-पूर्व फिल्मों, सांप्रदायिकता और सामाजिक एकता पर विस्तार से चर्चा की।

इस दौरान विवादों से दूर रहने के लिए जाने जाने वाले 80 वर्षीय बच्चन ने नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी की।

इस दौरान अमिताभ बच्चन ने कहा कि अब भी, और मुझे यकीन है कि मंच पर मेरे सहयोगी इस बात से सहमत होंगे कि नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

वहीं इस दौरान उनके साथ मंच पर शाहरुख खान थे, जिनकी फिल्म “पठान” ‘बहिष्कार क्लब’ का निसाना बन गई है।

इस दौरान खान ने सकारात्मकता का संदेश दिया है। सोशल मीडिया की जहरीली संस्कृति पर उन्होंने कहा कि यह “दृष्टिकोण की एक निश्चित संकीर्णता से प्रेरित है जो मानव स्वभाव को उसके आधार तक सीमित करता है”।