कोरोना काल में रेलवे बनाया कीर्तिमान, 24 घंटे में 969 टन ऑक्सीजन पहुंचाई

रेलवे ने चक्रवात यास के कारण खराब मौसम की आशंका से ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें को उनके गंतव्यों पर शीघ्र पहुंचाया। यास उत्तरी ओड़िशा एवं पड़ोसी पश्चिम बंगाल में समुद्र तटीय क्षेत्रों में बुधवार को सुबह नौ बजे पहुंचा और उस दौरान 130-140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

नई दिल्ली। जब प्रतिकूल समय में कोई बेहतर काम करता है, तो उसकी सराहना हर जगह होती है। कोरोना की दूसरी लहर में जब पूरे देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा था, उस समय भारतीय रेलवे लगातार अपने काम पर जुटा हुआ था। ऑक्सीजन (Oxygen) को पूरे देश में त्वरित गति से पहुंचाया गया। यह सिलसिला आज भी जारी है। अहम बात यह भी है कि बीते 24 घंटे में जब चक्रवात यास का असर है, उस प्रतिकूल परिस्थिति में भी 12 ऑक्सीजन एक्सप्रेसों (Oxygen Express) ने छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश को 969 टन तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) पहुंचायी है।

इसकी जानकारी भारतीय रेलवे (Indian Railway) की ओर से दी गई है। रेलवे की ओर से कहा गया है कि तीन ऐसी ट्रेनें तमिलनाडु, चार आंध्रप्रदेश, एक -एक दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम और केरल पहुंचीं। ये ट्रेनें ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन लेकर चली थीं। देश के अहम तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र इन्हीं क्षेत्रों में हैं और वे अब कोविड-19 महामारी के दौरान संकट की इस घड़ी में राज्यों को जीवन रक्षक गैस प्रदान करते हैं।

रेलवे (Railway) के अधिकारियों ने बताया कि यास (Yaas Cyclone) ओड़िशा के भद्रक जिले के धामरा में पहुंचा जो बालासोर के दक्षिण में 50 किलोमीटर की दूरी पर है। अपना परिचालन शुरू होने से लेकर अभी तक ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने 17,945 टन एलएमओ पहुंचाई है। यह सेवा प्राप्त करने वाला झारखंड पंद्रहवा राज्य बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अबतक ऐसी 272 ट्रेनों ने 1080 टैंकरों को लेकर अपना सफर पूरा किया है।

रेलवे ने बताया कि महाराष्ट्र को 614 टन, उत्तर प्रदेश को 3731 टन, मध्यप्रदेश को 633 टन, दिल्ली को 4910 टन, हरियाणा को 1911 टन, राजस्थान को 98 टन, कर्नाटक को 1653 टन, उत्तराखंड को 320 टन, तमिलनाडु को 1158 टन, आंध्रप्रदेश को 929 टन, पंजाब को 225 टन, केरल को 246 टन, तेलंगाना को 1312 टन, झारखंड को 38 टन और असम को 80 टन ऑक्सीजन पहुंचायी गयी है।