मंदी की सम्भावना से कॉर्पोरेट में हलचल , अमेजॉन ने लगाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर रोक

पिछले हफ्ते ही अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि गूगल 2023 और आगे आने वाले शेष वर्षों में होने वाली भर्ती प्रक्रिया को धीमा रखेगा।

पिछले कुछ वर्षों से लगातार दुनियाभर में हुई उथल पुथल से लोगों के बीच अस्थिरता देखने को मिल सकती है। जिसके कारण लोगों को उनके व्यवसाय, रोजगार, मानसिक स्वास्थ्य, रोजमर्रा की जिंदगी और इससे जुड़ी कई अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इससे विश्व स्तर पर आर्थिक मंदी जैसी समस्या भी उभर के आयी है। मंदी की आशंकाओं के बढ़ने के साथ मुद्रास्फीति, यूक्रेन में युद्ध और एक महामारी के कारण, कई तकनीकी कंपनियां अपने स्टाफ की जरूरतों पर पुनर्विचार कर रही हैं। उनमें से कुछ ऐसे हैं, जो नए स्टाफों की भर्ती में कटौती करने, प्रस्तावों को रद्द करने और यहां तक कि छंटनी शुरू करने की स्थापना कर रही हैं।

2022 में संभावित मंदी के बारे में चर्चा होने के कारण कॉरपोरेट और व्यापारिक जगत के कर्मचारियों में एक भय का महौल उत्पन्न हो गया है। विश्लेषकों ने मंदी जैसे हालत की संभावना के बारे में चेतावनी दी है, क्योंकि ऐसी खबरें आई हैं कि दुनिया भर में अर्थव्यवस्था धीमी हो गई है। हालाँकि, दुनियाभर की सरकारें इस मंदी की सम्भावना को लेकर चुप्पी साधे है।

पिछले हफ्ते ही अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि गूगल 2023 और आगे आने वाले शेष वर्षों में होने वाली भर्ती प्रक्रिया को धीमा रखेगा, वहीं इस अवधि के लिए निवेश पर भी नियंत्रण रखने का प्रयास करेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि गूगल अपनी भर्ती प्रक्रिया पर कोई ठहराव लगाने के पक्ष में नहीं है। वहीं सूत्रों के अनुसार, इ कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेज़न भी महामारी के दौरान हुई समस्याओं से अभी भी गुजर रही है। यहां तक कि अपने कार्यालय के कर्मचारियों के लिए सुविधाओं के विकास पर भी कई तरह की रोक लगा दी हैं। कंपनी में कर्मचारियों के रखने के बारे में भी विचार किया जा रहा हैं।