उत्तराखंड के जोशीमठ को भूमि धंसने के चलते किया ‘रहने के लिए असुरक्षित’ घोषित

उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ से लोगों को निकालना शुरू कर दिया है, जहां भूमि धंसने से 600 से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं।

उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ के सभी नौ नगरपालिका वार्डों को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत ‘आपदा प्रभावित’ और ‘रहने के लिए असुरक्षित’ घोषित किया है, ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि शहर में 600 से अधिक घरों में दरारें पड़ने के कारण जमीन धंसने का खतरा बढ़ गया है। जिसके बाद इन इलाकों से लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया गया है।

आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि उत्तरांचल डिजास्टर मिटिगेशन, मैनेजमेंट एंड प्रिवेंशन एक्ट 2005 की धारा 23 के तहत एक अधिसूचना जारी की गई है और जोशीमठ में घरों का सर्वेक्षण कर रही एक विशेषज्ञ टीम द्वारा सिफारिश किए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

जोशीमठ की नगरपालिका सीमा के भीतर गांधीनगर में दो जोन, सिंहदार में एक जोन, मनोहर वार्ड में दो और सुनील वार्ड में एक क्षेत्र को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नो एंट्री जोन बनाया गया है।