World Sauntering Day: क्यों मनाया जाता है विश्व सॉटरिंग दिवस? जानिए क्या है इस दिन का इतिहास

सॉटरिंग की परिभाषा के अनुसार यह एक ऐसी क्रिया है जो चलने की शैली का वर्णन करती है। इसका मुख्य रूप से आशय है कि आनंदमय परिवेश में घूमना। अर्थात आप जिस समय जहां हैं वहां का भरपूर आनंद लें।

विश्व सॉटरिंग दिवस 19 जून को मनाया जाता है। इसे विश्व सौंदर्य दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन का उद्देश्य हर दिन की भागमभाग को धीमा करने और फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करने की तरफ़ कदम बढ़ाना है।
सॉटरिंग डे  की शुरुआत की बात करें तो इस दिन की शुरुआत 1979 में WT RABE नाम के एक व्यक्ति ने की थी। जब जॉगिंग बहुत लोकप्रिय हो गयी, तब उन्होंने इस दिन की शुरूआत की थी। हालांकि कुछ जगहों पर यह दिन 28 अगस्त को भी मनाया जाता है। माना गया है की इस दिन को मानने की शुरुआत अमेरिका के मिशिगन में मैकिनैक द्विप पर ग्रैंड होटल के एक पोर्च में हुई थी,इस होटल में दुनिया का सबसे बड़ा बरामद था इसलिए इसे ही चुना गया था।

क्या है इस दिन का महत्त्व

सॉटरिंग की परिभाषा के अनुसार यह एक ऐसी क्रिया है जो चलने की शैली का वर्णन करती है। इसका मुख्य रूप से आशय है कि आनंदमय परिवेश में घूमना। अर्थात आप जिस समय जहां हैं वहां का भरपूर आनंद लें। यह दिवस कामधाम के बोझ से थोड़ा परे हटकर ,भागदौड़ में थोड़ी स्थिरता लाकर सुकून भरी हवा,शुद्ध स्प्ष्टता आनंद के साथ आस-पास की चीजों को देखने उसे महसूस करने और हर चीज का आनंद उठाने का अवसर है।

इस दिन को मनाने का अर्थ यह है कि आप खुद को भी जरा वक्त दें और ज़िन्दगी में हर चीज से रूबरू हों,आप जिस रास्ते पर चल रहे हैं उस पर केवल चलते न रहें बल्कि उसका भरपूर आनंद भी लें। आगे बढ़ने की इस होड़ में खुद को संक्रमित न होने दें, खुद को सहेजें। कभी स्थिर होकर प्रकृति की हर एक चीज को महसूस करें। जैसे- हवाओं को ,पंक्षियों की चहचहाट को, पानी की लहरों को तथा आपके बढ़ते कदमों की आवाज को। फिर देखिये आप हर चीज की सुंदरता को महसूस कर पाएंगे और हर लम्हे को जी पाएंगे।