Home राष्ट्रीय परिवार के सुपोषण में महिलाओ की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ वार्ष्णेय

परिवार के सुपोषण में महिलाओ की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ वार्ष्णेय

भोपाल| राजधानी के तुलसी नगर स्थित आरोग्य भारती के केंद्रीय कार्यालय में मध्य भारत प्रांत के महिला कार्य विभाग द्वारा भारतीय संस्कृति में सुपोषण और स्त्री की भूमिका विषय पर कार्यशाला का आयोजन आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय के मुख्य आतिथ्य एवं भोपाल महापौर मालती राय की अध्यक्षता में किया गया| कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर आरोग्य भारती की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मधुरा कुलकर्णी उपस्थिति थी| कार्यक्रम की शुरुआत धनवंतरी स्तवन से हुआ इस अवसर पर महानगर की महिला कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों से बनी सामग्री अतिथियों को भेंट की|

मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यशाला में मौजूद आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक कुमार वार्ष्णेय ने कहा की अभी तक पोषण दिवस ,सप्ताह पंखवाड़ा और माह के रूप सरकार मनाती रही है ,लेकिन इस वर्ष सरकार ने पोषण वर्ष मनाए जाने का निर्णय लिया है |महिलाएं अपने प्रयासों से स्वयं को स्वस्थ रखती ही हैं साथ ही संपूर्ण परिवार को भी स्वस्थ रखने की जवाबदारी का निर्वहन बखूबी करती है |परिवार में स्वच्छता ,संवाद ,घरेलू उपचार और नए-नए पकवान के माध्यम से परिवार को स्वस्थ और सुदृढ़ बनाए रखने का निरंतर प्रयास करती है ,पोषण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है |कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मधुरा कुलकर्णी ने कहा की पोषण के चार प्रकार होते हैं -सुपोषण ,
अति पोषण ,कुपोषण ,विकृत पोषण |लड़कियों और महिलाओं की बढ़ती हुई PCOD की समस्या से कैसे बचा पाए इस पर ध्यान केन्द्रित करते हुए कुछ सावधानियां बरतना चाहिए, जैसे दैनिक जीवन चर्या एवं खानपान पर विशेष ध्यान के माध्यम से हम इस पर काफी हद तक नियंत्रण प्राप्त कर सकते है| कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महापौर मालती राय ने कहा कि महिलाओ की बढ़ती कार्य क्षमता को देखते हुए महिलाओं को फास्ट फूड से संबंधित व्यवसाय करना चाहिए महापौर ने कहां कि महिलाओ को व्यवसाय के समुचित संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम निगम निरंतर प्रयत्न शील है |इसी क्रम में हम महिलाओ को जल्द ही स्थान का आवंटन करने जा रहे है,जहां वो अपना व्यवसाय संचालित कर सकें|

Exit mobile version