World Emoji Day: जानिए क्या है वर्ल्ड इमोजी डे और इसका इतिहास

ऑनलाइन अपने भावों को दर्शाने,जताने का एक बेहतरीन तरीका है इमोजी।

सामने से तो हम व्यक्ति को देखकर,सुनकर उसके मूड उसके भाव को जान लेते हैं तथा समझ लेते हैं लेकिन मैसेज में उतना आसान नही होता। वहीं मैसेज के साथ उसके मुताबिक इमोजी लगा देते हैं तो बातों का मतलब और उसका भाव स्प्ष्ट हो जाता है। कभी – कभी तो ऐसा हो जाता है कि किसी बात के जवाब में हम इमोजी ही भेज देते हैं। मूड खराब है, अच्छा है सब इमोजी से दर्शाया जा सकता है। ये इमोजीस काफी क्यूट भी होते हैं।

किसी भी दिन को तब मनाया जाता है जब उसकी शुरुआत हुई हो या उससे जुड़ी कोई घटना हुई हो लेकिन इमोजी डे के साथ ऐसा नहीं है। इमोजी बनाने का मकसद बस ये था कि जब हम किसी को मैसेज भेजते हैं तो उसमें साउंड होना जरुरी है जिससे पता चले कि व्यक्ति को मैसेज प्राप्त हो गया है लेकिन बाद में लोग बिना अपनी बातों को लिखे ही इमोजी भेजने लगे और यह प्रचलित होता चला गया। बस यही कारण है कि 17 जुलाई को इमोजी डे की तारीख दे दी गयी। 1997 में जापानी मोबाइल फोन पर उत्पन्न, इमोजी कई मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में जोड़े जाने के बाद 2010 के दशक में दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो गए। उन्हें अब पश्चिम और दुनिया भर में लोकप्रिय संस्कृति का एक बड़ा हिस्सा माना जाता है।

इमोजी से पहले, लोग टेक्स्ट करते समय खुद को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने के लिए इमोटिकॉन्स का इस्तेमाल करते थे। इमोजी, जिसका जापानी में मोटे तौर पर अर्थ है “पिक्चर वर्ड” 1990 में शिगेताका कुरिता द्वारा बनाया गया था। जब वह जापानी टेलीकॉम कंपनी एनटीटी डोकोमो के लिए काम कर रहे थे, तो उन्होंने इन इमोजी को कंपनी के पेजर पर एक फीचर के रूप में डिजाइन किया ताकि उन्हें और अधिक लोकप्रिय बनाया जा सके। एक रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल एकीकृत सेवा आई-मोड की रिलीज के लिए शिगेटका कुरिता ने लगभग 176 इमोजी बनाए। इमोजीपीडिया के अनुसार सितंबर 2021 तक यूनिकोड मानक में लगभग 3,633 इमोजी हैं। सभी ट्वीट्स में से 21 प्रतिशत से अधिक में अब कम से कम एक इमोजी है। यह हमारे संचार में इमोजी के बढ़ते महत्व को इंगित करता है।

2013 में इमोजी को ऑक्सफ़ोर्ड डिक्शनरी में शामिल किया गया। वहीँ 2014 में इमोजी की लोकप्रियता के कारण 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे मनाया जाने लगा। 2015 में इमोजी को वर्ड ऑफ़ द ईयर चुना गया था।

आज के समय में इमोजी कम्युनिकेशन का सबसे आसान जरिया बन गया है। इमोजी के आने के बाद डिजिटल बातों में शब्दों की उपयोगिता कम हो गयी है।