रुपये निकासी को ले बैंक में उमड़ी भीड़, सोशल डिस्टेसिंग की भी उड़ी धज्जियां …

एक तरफ करोना संक्रमण अपना पाँव तेजी से पसार रहा है और दिन प्रति दिन भयावह रूप लेता जा रहा है। वही दुसरी ओर लोग अब भी मानने को तैयार नहीं है और लापरवाह बने हुए हैं। दरअसल कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बिहार में 16 मई से 25 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है। लेकिन लोग बढ़ते संक्रमण को हल्के में ले रहे हैं।

दरअसल, आरण चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा में रुपये निकासी को ले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी बीच लोगों की बड़ी लापरवाही भी देखने को मिली। क्या महिला, क्या पुरूष, क्या नौजवान और क्या बुजुर्ग सभी बैंक परिसर में रुपये निकासी को ले कतार में खड़े दिखे। कतार में खड़े लोगों में से अधिकांश लोग बिनान मास्क के खड़े मिले। इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग की भी जमकर धज्जियाँ उड़ी। वही लोगों का कहना था कि विगत कई दिनों से रुपये निकासी को लेकर लोग बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। कभी लिंक फेल तो कभी बिजली नहीं कहकर काउंटर बन्दकर दिया जाता है।

यहाँ बताते चलें कि इस बैंक में कई गांव के लोग रुपये निकासी व अन्य काम के लिए आते हैं, काम नहीं होने पर लोगों को वापस घर लौटकर जाना पड़ता है। जिससे लोगों में बैंक के कर्मी के प्रति आक्रोश है। वहीं लोगों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना था कि शाखा प्रबंधक व जिला प्रशासन को इसपर पहल करने की जरूरत है ताकि करोनाकाल में सावधानी पूर्वक संक्रमण के खतरा से निपटा जा सके।

वहीं शाखा प्रबंधक की माने तो उनके द्वारा बढ़ी भीड़ को ले प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना पर बैंक में भीड़ को संतुलित करने के लिए दो गार्ड भी तैनात किए गए लेकिन लोग लापरवाह बने हुए हैं, लोगों की भीड़ कुछ मानने को तैयार नहीं है, लोगों द्वारा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा है। ऐसे में दो गज दूरी मास्क है जरूरी एवं सामाजिक दूरी सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है। ऐसे में कैसे कोरोना बढ़ते संक्रमण के चैन को तोड़ने की कल्पना की जा सकती है, चैन को तोड़ने की कल्पना भी बेईमानी होगी।