नई दिल्ली। गुरुवार दोपहर पुरानी सीमापुरी इलाके में एक संदिग्ध बैग मिला। दिल्ली पुलिस की ओर से इसकी जानकारी एनएसजी को दी गई। इसके बाद कई दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई। आखिरकार सुखद बात यह रही कि इसमें फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सीमापुरी में आज एक घर से बरामद आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और RDX के साथ टाइमर डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। लगभग 2.5 किलोग्राम से 3 किलोग्राम आईईडी को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के बम निरोधक दस्ते (BDS) द्वारा डिफ्यूज किया गया।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गाजीपुर आरडीएक्स मामले की जांच के दौरान स्पेशल सेल को पुरानी सीमापुरी स्थित इस मकान की जानकारी मिली। स्पेशल सेल की टीम जब यहां पहुंची तो यह घर बंद था और एक संदिग्ध बैग मिला। दमकल विभाग और एनएसजी को मौके पर पहुंचने की सूचना दी गई है। घर और बैग की जांच की जा रही है, सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक ओल्ड सीमापुरी के संदिग्ध घर से पुलिस ने तीन किलो विस्फोटक आईईडी बरामद किया है। यह वैसा ही है जैसा जनवरी में गाजीपुर फ्लावर मार्केट से बरामद हुआ था। वहीं संदिग्ध दिल्ली-यूपी सीमा के पास रणनीतिक स्थान पर छिपे थे।
#UPDATE सीमापुरी में आज एक घर से बरामद आईईडी में अमोनियम नाइट्रेट और RDX के साथ टाइमर डिवाइस का इस्तेमाल किया गया। लगभग 2.5 किलोग्राम से 3 किलोग्राम आईईडी को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के बम निरोधक दस्ते (BDS) द्वारा डिफ्यूज किया गया: NSG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 17, 2022
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली की गाजीपुर फूल मंडी में 14 जनवरी को मिले आईईडी की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की टीम चार युवकों की तलाश में पुरानी सीमापुरी पहुंची थी। संदिग्ध युवक को यहां से गायब मिले, लेकिन कमरे की तलाशी लेने पर वहां एक बैग में कुछ संदिग्ध होने का पता चला। फौरन बम व डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। आईईडी की पुष्टि होते ही एनएसजी के अलावा बाकी एजेंसियों को भी कॉल कर दी गई। लोकल पुलिस की मदद से आसपास के इलाके को खाली कराकर पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई। शाम को एनएसजी की टीम बम डिफ्यूजिंग मशीन में रखकर आईईडी को दिलशाद गार्डन के एक पार्क में ले गई। वहां गहरा गड्ढा खोदकर बम को निष्क्रय करने की तैयारी चल रही थी। आसपास के मार्केट व दुकान को बंद कर ट्रैफिक को भी बंद कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुटे थे।