नई दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के तेवर अभी भी तल्ख है। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बात नहीं होगी। कानून नहीं बनेगा, तब तक आंदोलन को नहीं खत्म किया जाएगा।
मुंबई में किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार धोखा कर रही है, सचेत रहने की जरूरत है। अभी सरकार बात करने की लाइन में नहीं आई है। ये सरकार षड्यंत्रकारी, बेईमान और धोखेबाज है। किसान समाज और मजदूरों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि भारत सरकार को अपने तरीके सुधारने चाहिए और एमएसपी पर एक कानून लाना चाहिए। अन्यथा, 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) दूर नहीं है, और 4 लाख ट्रैक्टर और किसान सभी हैं।
राकेश टिकैत ने कहा कि तीन मामलों का समाधान हो गया है अभी 1 मामला बाकी है। 1 साल में जो नुकसान हुआ है उस पर सरकार बैठ कर बात करे, समाधान निकल जाएगा। सरकार धोखे में रख कर, जालसाज़ी के साथ ग़लत बयानबाजी करके मामले को निपटाना चाहती है, तो उससे ये मामला खत्म नहीं होगा। सरकार ये चाहती कि हम बिना बातचीत के यहां से धरना खत्म करके चले जाए। देश में कोई आंदोलन और धरना ना हो। सरकार से जो एक बातचीत का रास्ता है वो बंद हो जाए, तो सरकार इस गलतफहमी में ना रहे। सरकार से बात किए बिना हम नहीं जाएंगे। सरकार से बातचीत का रास्ता खोल के जाएंगे।















