नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार को राज्य की जनता को बधाई दी और कहा कि इस सफर में कई उतार-चढ़ाव के बाद पूर्वोत्तर का यह राज्य एक ‘‘अहम पड़ाव’’ पर पहुंचा है, जहां से उसे पीछे मुड़कर नहीं देखना है। उन्होंने कहा, ‘‘50 वर्ष की यात्रा के बाद आज मणिपुर एक अहम पड़ाव पर खड़ा है। मणिपुर ने तेज विकास की तरफ सफर शुरू कर दिया है। जो रुकावटें थीं, वो अब हट गई हैं, यहां से अब हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आजादी का 75वां वर्ष चल रहा है और यहां से इसके 100 वर्ष पूरा होने तक 25 वर्ष का जो सफर है, वह मणिपुर के लिए भी बहुत अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘जिन ताकतों ने लंबे समय तक मणिपुर के विकास को रोके रखा, उन्हें फिर सिर उठाने का अवसर ना मिले, यह हमें याद रखना है। आने वाले दशक के लिए हमें नए सपनों-नए संकल्पों के साथ चलना है।’’
मोदी ने मणिपुर की युवा जनता से आग्रह किया कि विकास के ‘डबल इंजन’ के साथ मणिपुर को तेज गति से आगे बढ़ाने में वे अपना योगदान दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पूर्वोत्तर को ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का केंद्र बनाने की दूरदृष्टि के साथ आगे बढ़ रही है और इसमें मणिपुर की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि मणिपुर ने बीते 50 साल में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं और हर तरह के समय को सभी मणिपुर वासियों ने एकजुटता के साथ जीया है तथा हर परिस्थिति का सामना किया है। उन्होंने कहा, ‘‘आपको (मणिपुर की जनता) पहली पैसेंजर ट्रेन के लिए 50 साल का इंतजार करना पड़ा। इतने दशकों बाद रेल का इंजन मणिपुर पहुंचा है, यही डबल इंजन की सरकार का कमाल है।’’
Best wishes to the people of Manipur on their Statehood Day. https://t.co/unj0h2mb6K
— Narendra Modi (@narendramodi) January 21, 2022
खेल के क्षेत्र में मणिपुर के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मणिपुर अपना सामर्थ्य राज्य के विकास में लगा रहा है और यहां के युवाओं का सामर्थ्य विश्व पटल पर निखर कर आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज जब मणिपुर के बेटे-बेटियों का खेल के मैदान पर जज्बा और जुनून हम सभी देखते हैं तो पूरे देश का माथा गौरव से ऊंचा हो जाता है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर एक राज्य के रूप में आज जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसके लिए बहुत लोगों ने अपना तप और त्याग किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर शांति का हकदार है। बंद-ब्लॉकेड से मुक्ति का हकदार है। यह एक बहुत बड़ी आकांक्षा मणिपुरवासियों की रही है। आज मुझे खुशी है कि बीरेन सिंह (मुख्यमंत्री) के नेतृत्व में मणिपुर के लोगों ने ये हासिल किया है।’’















