Air India Tata Group : 68 साल बाद फिर से टाटा की हुई एयर इंडिया

टाटा सन्स ने एयर इंडिया की बिड जीती है। उन्होंने 18,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। दिसंबर 2021 में कंपनी का स्वामित्व टाटा सन्स के पास चला जाएगा। कंपनी में लोगों का रोज़गार बना रहेगा।

नई दिल्ली। देश के विमानन इतिहास में शुक्रवार 8 अक्टूबर, 2021 का दिन ऐतिहासिक हो गया है। टाटा कंपनी ने 68 साल अपनी एयर सर्विस को वापस हासिल किया है। एयर इंडिया टाटा कंपनी के अधीन दोबारा आ गई है। इसकी औपचारिक घोषणा कर दी गई है। टाटा सन्स ने एयर इंडिया की बिड जीती है। टाटा ग्रुप के पास पहले से ही एयरएशिया में 84% और विस्तारा में 51% हिस्सेदारी है। इस समय एयर इंडिया 42 अंतरराष्ट्रीय जगहों के लिए अपनी सेवाएं उपलब्ध करवाता है।

नागर विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल की ओर से कहा गया है कि आज की तारीख में एयर इंडिया में 12,085 कर्मचारी हैं जिसमें से 8,084 स्थायी कर्मचारी हैं और 4,001 कर्मी कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। इसके अलावा एयर इंडिया एक्सप्रेस में 1434 कर्मचारी हैं। 1 साल और तक अगर उनकी छटाई होगी तो उनको वीआरएस देना होगा।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति विभाग(दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि एयर इंडिया के विनिवेश के संदर्भ में विनिवेश प्रक्रिया की अंतिम कड़ी में कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक्स द्वारा अधिकृत एयर इंडिया स्पेसिफिक अलटरनेट मकैनिजम ने विनिंग बिड पर स्वीकृति प्रदान की है। टाटा संस की टैलेस प्राइवेट लिमिटेड एयर इंडिया में भारत सरकार की इक्विटी शेयर होल्डिंग की बिक्री के लिए सफल बिडर रही।

असल में, जब से एयर इंडिया को बेचने की बात हो रही थी, उस समय से ही इसके खरीददार को लेकर उत्सुकता थी। कुछ साल पहले रतन टाटा ने इसे हासिल करने की इच्छा जताई थी। बीच में कोरोना के दौर में कई चीजें रूक गई। अब इसकी घोषणा हो गई। टाटा संस ने 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर स्पाइसजेट के अजय सिंह की 15,000 करोड़ रुपये की बोली को पीछे छोड़ दिया है।