बिहार की इन घटनाओं पर है सबकी नजर

पटना। पटना में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के आवास पर वामपंथी दलों के विधायक भी पहुंचे। यहां राजद विधायक पहले से मौजूद हैं। भाजपा जहां उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के जरिये गठबंधन बचाने की अंतिम कोशिश कर रही है, वहीं जदयू राज्य के सभी विपक्षी दलों के संपर्क में है। नीतीश कुमार का अगला कदम क्‍या होगा इस पर बीजेपी, आरजेडी, कांग्रेस, हम और बिहार में सक्रिय हर राजनीतिक दल की नज़र है।

भाजपा-जदयू के बीच चौड़ी हुई मतभेद की खाई की वजह पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह बने। नीतीश को आशंका है कि भाजपा महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की तर्ज पर बिहार में आरसीपी के जरिये उन्हें सत्ता से बेदखल करने की कोशिश कर रही है।आरसीपी भाजपा के उस शीर्ष नेता के करीबी हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को सत्ता से बेदखल करने की पटकथा लिखी। उन्हीं के इशारे पर आरपीसी ने गुपचुप तरीके से राज्यसभा चुनाव के दौरान जदयू विधायकों की बैठक बुलाई।

जेडीयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ललन सिंह ने साफ तौर पर कह भी दिया कि तब एक मॉडल तैयार किया गया था जिसका नाम था चिराग पासवान और दूसरा चिराग मॉडल (इशारा आरसीपी सिंह की ओर) तैयार किया गया है। अब लल्‍लन सिंह या अन्‍य जेडीयू नेता इस षडयंत्र के लिए किसे जिम्‍मेदार मानते हैं यह किसी से छिपा नहीं है।