Jharkhand News : कामगार सब्जी विक्रेता से उगाही हो रहा है रांची में, लगा दिया गया जाम

गरीब-गुरबों की बात करती है हेमंत सरकार। मंत्रालय के आला अधिकारी और मंत्री धु्रर्वा की सड़कों से गुजरते हैं। यहां के गरीब सब्जी विक्रेताओें से अवैध वसूली होती है। ठेकेदार टाइप लोग और पुलिसकर्मी नहीं सुनते हैं इन कामगारों की।

रांची। आम आदमी और गरीब-गुरबा की रक्षा की बात झारखंड सरकार करती है, मुख्मयंत्रीह हेमंत सोरेन कानून व्यवस्था की बात करते नहीं थकते। वहीं, उनकी नाक के नीचे राजधानी रांची में गरीब सब्जी विक्रेताओं से वसूली होती रही है। इस काम में स्थानीय दबंग व्यक्ति, निगम के कर्मचारी और पुलिसकर्मी का नाम भी आता है। जब समस्या हद से अधिक हो गई, तो सब्जी विक्रेताओं ने आज सड़क जाम कर दिया है।

बता दें कि आज धुर्वा थाना क्षेत्र में जबरन वसूली के खिलाफ सभी सब्जी विक्रेताओं ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया है। सब्जी विक्रेताओं ने ढाई घंटे तक झारखंड मंत्रालय के मार्ग को जाम कर अपना विरोध जताया है। गौर करने योग्य है कि राज्य के आला अधिकारी यहीं से होकर अपने कार्यालय को जाते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित तमाम मंत्रियों के आने-जाने का रास्ता यही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एचईसी ने शालीमार बाजार को लेकर टेंडर निर्गत किया है। टेंडर निर्गत होने के बाद ठेकेदार दबंगई दिखाकर सभी सब्जी विक्रेताओं से मनमाना वसूली कर रहे हैं। पहले एक दुकानदार से 20 रुपये लिया जाता था, लेकिन अब प्रति टोकरी 20 रुपये ले रहे हैं। इसको लेकर सभी सब्जी विक्रेताओं में काफी आक्रोश है। ठेकेदार आलू और प्याज के प्रति बोरे पर 10 रुपये की मांग कर रहे हैं। वहीं गाड़ी वालों से अलग से पैसे की मांग कर रहे हैं।

जैसे ही सड़क जाम की सूचना मिले, जिले के आला पुलिस अधिकारी भी पूरी जानकारी हासिल करने लगे। इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। धुर्वा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार की ओर से बताया गया है कि ठेकेदार को थाना बुलाया गया है और उनसे इन सभी मामले की जानकारी ली जाएगी। धुर्वा थाना प्रभारी ने बताया कि टेंडर महंगे होने की वजह से सब्जी विक्रेताओं से अधिक वसूली की जा रही है। ठेकेदार सेक्टर 2 के रहने वाले हैं। हालांकि धुर्वा थाना प्रभारी की ओर से यह भी कहा गया है कि ठेकेदार से बातचीत कर जल्द ही इस मामले को सुलझा लिया जाएगा और पूर्व की तरह ही सब्जी विक्रेताओं से वसूली की जाएगी।