Madhya Pradesh : शिवराज ने अधिमान्य पत्रकारों को दिया फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा

सीएम ने यह फैसला इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) की लगातार मांग एवम शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद लिया है ।इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की सीएम से लगातार मांग कर रहा था।

भोपाल। प्रदेश की शिवराज सरकार ने सभी अधिमान्य पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का फैसला किया है।. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की है। चौहान ने कहा कि हमारे पत्रकार मित्र कोविड के खतरनाक काल में अपनी जान जोखिम में डाल कर अपने धर्म का निर्वाह कर रहे हैं। इसलिए मध्य प्रदेश में सभी अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को हमने फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का फैसला किया है। सीएम ने यह फैसला इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) की लगातार मांग एवम शनिवार को एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद लिया है ।

बता दे कि इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की सीएम से लगातार मांग कर रहा था. फेडरेशन ने इस बाबत सीएम को 20 अप्रेल 2020 एवं मौजुदा कोरोना की भयावहता को देखकर विगत 1 अप्रेल को भी पत्र के माध्यम से मांग की थी। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (IFWJ) की लगातार मांग पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लिए गए इस फैसले का फेडरेशन ने स्वागत किया है. वरिष्ठ पत्रकार व फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन झा ने कहा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं सभी राज्यो के मुख्यमंत्रियों को दो बार पत्र लिखकर मांग की थी कि चिकित्सकों, पैरामेडिकलस्टाफ के सदस्यों एवं पुलिसअधिकारियों व कर्मचारियों की भांति मीडिया कर्मी भी इन दिनों अपने उत्तर दायित्व के निर्वाह में समर्पण की भावना के साथ दिन रात एक कर रहे हैं, मीडिया कर्मी कोरोना ग्रस्त इलाकों में जब जाते हैं तब इन्हें भी कोरोना से संक्रमित हो जाने का खतरा बना रहता है| ऐसे मे मीडियाकर्मियो को भी फ्रंटलाइन वर्कर मानकर कोरोना से मर्त्यु होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। झा ने कहा कि पिछले दिनों कोरोना के संक्रमण से प्रदेश के मीडिया कर्मियों की भी मौत हो चुकी है और सैकड़ो साथी कोरोना से प्रभावित है। लगातार हो रही मृत्यु ,और साथियों के कोरोना प्रभावित होने की खबरों से मीडिया जगत में चिंता को देखते हुए ही हमने शनिवार को सीएम से मुलाकात कर पत्रकारो को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग की थी, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है।

शनिवार को पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना से मृत होने वाले पत्रकारों के परिजनों को तत्काल 5लाख की सहायता प्रदान करने का आश्वसन दिया था | सीएम ने पत्रकारों के आग्रह पर संचालक जनसंपर्क के समन्वय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है जो पत्रकारों के स्वास्थ संबंधी मामलों का त्वरित निराकरण करेंगे | मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह ,वरिष्ठ पत्रकार दिनेश गुप्ता ,वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश भटनागर IFWJ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्ण मोहन झा, एवं सुनील श्रीवास्तव शामिल थे| श्री झा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुये कहा है कि आपने अपने स्वभाव के अनरूप पत्रकारो के हित मे जो निर्णय लिया है उसके लिए पत्रकार जगत आपका आभारी है,इसके साथ ही आपसे आग्रह है कि गैर अधिमान्य पत्रकारो को भी इस श्रेणी में शामिल करने का कष्ट करें जिससे उनके परिवारों को भी सुरक्षा मिल सके|