नई दिल्ली। आज 42 साल की भारतीय जनता पार्टी हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश भर के भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पार्टी की ओर से ऐसी व्यवस्था कराई गई थी कि पूरे देश में हर भाजपा कार्यालय और कई अन्य समारोह स्थल पर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जहां ‘‘राष्ट्र भक्ति’’ को समर्पित है वहीं विरोधी दलों का समर्पण ‘‘परिवार भक्ति’’ के प्रति है। परिवारवादी पार्टियों को लोकतंत्र का दुश्मन करार देते हुए मोदी ने यह भी कहा कि ऐसे दल संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को कुछ नहीं समझते, उन्होंने देश की प्रतिभा तथा युवा शक्ति को कभी आगे नहीं बढ़ने दिया बल्कि हमेशा उनके साथ ‘‘विश्वासघात’’ किया।
A special occasion for us BJP Karyakartas. Addressing on the Party's #SthapnaDiwas. https://t.co/KCUiiBDLcw
— Narendra Modi (@narendramodi) April 6, 2022
उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया के सामने एक ऐसा भारत है जो बिना किसी डर या दबाव के, अपने हितों के लिए अडिग रहता है और जब पूरी दुनिया दो विरोधी ध्रुवों में बंटी हो तब भारत को ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा है जो दृढ़ता के साथ मानवता की बात कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम राष्ट्र नीति से राजनीति को अलग करके चलने वाले लोग नहीं हैं। हमारे लिए राजनीति और राष्ट्र नीति साथ साथ चलती हैं। लेकिन यह भी सच्चाई है कि अभी भी देश में दो तरह की राजनीति चल रही है। एक राजनीति है परिवार भक्ति की और दूसरी है राष्ट्र भक्ति की।’’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अमृत काल में भारत की सोच आत्मनिर्भरता की है, लोकल को ग्लोबल बनाने की है, सामाजिक न्याय और समरसता की है। इन्हीं संकल्पों को लेकर एक विचारबीज के रूप में हमारी पार्टी की स्थापना हुई थी। इसलिए ये अमृत काल भाजपा के हर कार्यकर्ता के लिए कर्तव्य काल है। 3 दशकों के बाद राज्यसभा में किसी पार्टी के सदस्यों की संख्या 100 तक पहुंची है। वैश्विक दृष्टिकोण से देखें या राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखें भाजपा का दायित्व, भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व लगातार बढ़ रहा है।