आदाणी एंटरप्राइजेज और मेटट्यूब में साझेदारी, भारत में तांबे की ट्यूब निर्माण को मिलेगी नई दिशा

 

नई दिल्ली। भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में आदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने मेटट्यूब मॉरीशस प्राइवेट लिमिटेड (MetTube) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में तांबे की ट्यूब निर्माण को बढ़ावा देना और HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) उद्योग के लिए अगली पीढ़ी के समाधान प्रदान करना है।

इस समझौते के तहत, आदाणी एंटरप्राइजेज अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी कच्छ कॉपर ट्यूब्स लिमिटेड (KCTL) में 50% हिस्सेदारी मेटट्यूब को हस्तांतरित करेगी। इसके साथ ही, आदाणी मेटट्यूब की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी MetTube Copper India Private Limited में भी 50% निवेश करेगी, जिसकी विनिर्माण इकाई गुजरात के अहमदाबाद के पास स्थित है।

वैश्विक अनुभव और घरेलू क्षमता का संगम
मेटट्यूब, Metdist Group का हिस्सा है, जो उच्च गुणवत्ता की तांबे की ट्यूब निर्माण में दशकों का वैश्विक अनुभव रखता है। वहीं, आदाणी ग्रुप ने गुजरात के मुंद्रा में पहले से ही एक उन्नत तांबा निर्माण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रखा है, जिसमें कच्छ कॉपर ट्यूब्स लिमिटेड के अंतर्गत एक ग्रीनफील्ड कॉपर ट्यूब फैक्ट्री भी शामिल है।

यह दोहरी निवेश संरचना समान स्वामित्व और साझा संचालन सुनिश्चित करती है, जिससे दोनों कंपनियाँ मिलकर भविष्य के लिए तैयार एक तांबा ट्यूब व्यवसाय की आधारशिला रखेंगी। यह पहल भारत की ऊर्जा दक्षता सुधारने और कार्बन उत्सर्जन कम करने की राष्ट्रीय दृष्टि से भी मेल खाती है।

नेतृत्व की प्रतिक्रिया
आदाणी समूह के पूर्णकालिक निदेशक जीत आदाणी ने कहा:
“मेटट्यूब के साथ यह साझेदारी भारत को तांबा ट्यूब निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। आदाणी की बुनियादी ढांचा क्षमता और संचालन कौशल को मेटट्यूब के वैश्विक विशेषज्ञता से जोड़कर हम केवल उत्पादन क्षमता नहीं, बल्कि निर्माण कौशल भी विकसित कर रहे हैं।”

Metdist Group के चेयरमैन अपूर्व बागड़ी ने कहा:
“भारत में तांबा ट्यूब की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह साझेदारी ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टिकोण को वैश्विक मानकों पर खरा उतरने वाले स्थानीय निर्माण के माध्यम से सुदृढ़ करती है। हम आदाणी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाली ‘इनर ग्रूव्ड कॉपर ट्यूब्स’ का निर्माण करेंगे, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी।”

भारत की हरित अधोसंरचना को मिलेगा बल
यह गठबंधन आदाणी की अग्रवर्ती तांबा पारिस्थितिकी प्रणाली — जिसमें मुंद्रा स्थित 0.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTPA) की तांबा रिफाइनरी परियोजना शामिल है — और मेटट्यूब की वैश्विक विनिर्माण विशेषज्ञता को जोड़ता है।

इस सहयोग से न केवल उत्पादन की गति और मात्रा में वृद्धि होगी, बल्कि यह भारत की हरित अधोसंरचना लक्ष्यों को भी समर्थन देगा। उत्पादित तांबे की ट्यूब्स का उपयोग एयर कंडीशनिंग, रेफ्रिजरेशन और प्लंबिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होगा, जहाँ शहरीकरण और जलवायु अनुकूल ढांचे की मांग बढ़ती जा रही है।