आज से चारधाम यात्रा शुरू, कोरोना महामारी के बाद लोगों में है उत्साह

चारधाम के नाम से प्रसिद्ध बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर हर साल अप्रैल-मई में दर्शनों के लिए खुलते हैं लेकिन इस बार कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण यह यात्रा शुरू नहीं हो पाई।

देहरादून। देश में कोरोना के दैनिक संक्रमण कम हुए तो जिंदगी पुरानी पटरी पर लौटती दिख रही है। एक्सपर्ट कोरेना नियमों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही लोग पर्यटन आदि के लिए भी घरों से निकल रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद इस साल की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा आज से शुरू हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारी कर ली गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने बताया कि तीर्थ यात्री सामाजिक दूरी के साथ पूजा में शामिल हो सकेंगे लेकिन उन्हें मंदिर के गर्भगृहों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जानकारी दी गई है कि केदारनाथ के कपाट 17 मई, बदरीनाथ के कपाट 18 मई, यमुनोत्री के 14 मई तथा गंगोत्री के 15 मई को कपाट खुले थे लेकिन श्रद्धालुओं को उनके दर्शन की अनुमति नहीं थी । अक्टूबर-नवंबर में चारधाम यात्रा के समापन से पहले अभी भी चारधाम यात्रा के लिए डेढ़ से दो महीने का समय शेष है।

ऐसा नहीं है कि अचानक से यह निर्णय लिया गया। मामला उत्तराखंड उच्च न्यायालय तक पहुंचा था। शुक्रवार को ही चारधाम यात्रा पर रोक हटाए जाने के एक दिन बाद राज्य सरकार ने कोविड-19 संबंधी नियमों के सख्त अनुपालन के साथ विस्तृत मानक प्रचालन विधि (एसओपी) जारी कर दी। कहा गया है कि सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन अनिवार्य है। उच्च न्यायालय के श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखे जाने के निर्देशों के मददेनजर एसओपी में बदरीनाथ में प्रतिदिन अधिकतम 1000, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित कर दी गयी है। इसके साथ ही शासन की ओर से कहा गया है कि बच्चों एवं बीमार एवं अति वृद्धों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी । मंदिर में दर्शन हेतु एक बार में तीन श्रद्धालु ही प्रवेश‌ करेंगे । मंदिर में मूर्तियों या घंटियों को छूने पर मनाही होगी ।

उत्त्राखंड सरकार द्वारा यात्रा के लिए प्रत्येक तीर्थयात्री को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर कोरोना मुक्त रिपोर्ट या कोविड रोधी टीके की दोनों खुराक लगे होने का प्रमाणपत्र पेश करना जरूरी होगा। इसके अलावा, कोरोना की दृष्टि से संवेदनशील राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए 72 घंटे पहले की कोरोना मुक्त जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। इसके लिए राज्य के बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण के समय कोविड मुक्त रिपोर्ट या टीकाकरण का प्रमाणपत्र अपलोड करना होगा।