पेगासस मुद्दे पर जारी है संसद में गतिरोध, सुलह के नहीं दिखते आसार

'पेगासस प्रोजेक्ट' रिपोर्ट पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हुई। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हुई।

नई दिल्ली। पेगासस के मुद्दे को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। सदन में कुछ सांसदों ने आज भी सभापति के आसन की ओर से कागज को फाड़कर फेंकने की कोशिश की। इसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि संसद में आज पार्टियों ने अपने पश्नों को रखा लेकिन कांग्रेस और TMC सांसदों ने सदन के स्पीकर पर कागज़ फेंके। संसद में मौजूदा अधिकारियों के ऊपर भी वे चढ़े। यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को शर्मसार करने की घटना है। संसद में सरकार विपक्ष के सवालों के उत्तर देने के लिए तैयार है तो कांग्रेस, TMC और अन्य दल संसद में प्रश्न पूछने से क्यों भाग रहे हैं? इनका काम संसद की कार्यवाही में रुकावट पैदा करना है। विपक्ष के काम से लोकतंत्र शर्मसार हो रहा है।

वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हम पेगासस पर चर्चा चाहते हैं। सरकार पेगासस पर चर्चा करने से मना कर रही है। स्पष्ट तौर पर सरकार ने कुछ ग़लत किया है, स्पष्ट तौर पर सरकार ने कुछ ऐसा किया है जो देश के लिए ख़तरनाक है। वरना वे कहते कि आइए और चर्चा कीजिए। हमारी आवाज़ को संसद में दबाया जा रहा है। हमारा एक सवाल है कि क्या केंद्र सरकार ने पेगासस को खरीदा था कि नहीं? क्या केंद्र सरकार ने उसका इस्तेमाल अपने देश के लोगों के ख़िलाफ़ किया था कि नहीं? हम यह जानना चाहते हैं । हम नरेंद्र मोदी से सवाल पूछना चाहते हैं कि इस हथियार का इस्तेमाल लोकतंत्र के खिलाफ क्यों किया गया?… पेगासस पर चर्चा होने से पहले हम कहीं नहीं जाएंगे।

बता दें कि इससे पहले बुधवार की सुबह राहुल गांधी की अध्यक्षता में विपक्षी दलों के सांसदों की एक अनौपचारिक बैठक हुई। इस बैठक में कई दलों के सांसदों ने इस पर चर्चा की कि संसद में कैसा रूख अख्तियार करना है।

इस मुद्दे पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि उनके फोन में पेगासस नाम का हथियार डाल दिया गया है। अगर हथियार डाल दिया गया तो इतने दिन तक राहुल गांधी चुप क्यों बैठे रहे? इसपर उन्होंने FIR दर्ज़ की क्या? कोई हथियार नहीं है। जो चीज़ नहीं है उसका हथियार बनाकर इन्हें संसद को रोकना है।