Farmer Protest : किसान नेता ने सरकारी कार्यालय में टेंट लगाने की दी धमकी

किसान नेता सड़कों से हटने को अभी भी तैयार नहीं है। देश का अन्नदाता पिछले 11 महीने से लगातार सडक़ों पर बैठकर अपने हक को मांग रहा है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार हठधर्मिता अपनाते हुए तानाशाही कर रही है।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन के कारण लगाए गए बैरिकेटिंग को हटाया जा रहा है। सड़कों पर जो अवरोधक लगाए गए थे, उन्हें हटा लिया गया हैं। कीलें भी उखाड़ ली गई है। अब खबर आ रही है कि पुलिस किसानों के टैंट भी उखाड़ने की कोशिश में है। इसको लेकर किसान नेताओं ने पुलिस प्रशासन को धमकी दी है।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि प्रशासन जेसीबी की मदद से यहां लगे टैंट को उखाड़ने की कोशिश कर रहा है। अगर प्रशान यहां से टैंट उखाड़ेगा तो किसान सरकारी दफ़्तरों के बाहर टैंट लगा लेंगे। किसानों को अगर बॉर्डरो से जबरन हटाने की कोशिश हुई तो वे देश भर में सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे । हमारी लड़ाई तीन काले कानूनों के खिलाफ और एमएसपी पर गारंटी कानून को लेकर है । जिन किसानों की फसल कहीं नहीं बिक रही है वह दिल्ली में फसल बेचने जाएंगे । किसान खाद की लाईन में मर रहा। धान बेचने के लिए दिन-रात दर – दर भटक रहा, आर्थिक बदहाली से परेशान किसान नौजवान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा ! ‘मोदी जी ने कहा था कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी होगी.?

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों राजधानी दिल्ली में प्रवेश वाले मार्गों पर लगे इस प्रकार के अवरोध को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसे हटाया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की ओर से भी कहा गया कि दिल्ली पुलिस आम जनता की सुविधा के लिए काम कर रही है।