रांची। इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से भारत सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, वरीय सैन्य अधिकारियों, चुनाव आयुक्त, पत्रकारों और कुछ अन्य गणमान्य लोगों की फोन हैकिंग मामले के खिलाफ तथा जासूसी कांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं द्वारा आज राजधानी रांची में भी राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उराँव के नेतृत्व में कोरोना गाइडलाइन के तहत प्राप्त निर्देशों के आलोक में मार्च व जुलूस को स्थगित करते हुए कम संख्या में राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर वरीष्ठ कांग्रेस नेता रोशन लाल भाटिया,पूर्व मंत्री भारत सरकार श्री सुबोधकांत सहाय, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख,महिला कांग्रेस की राष्टीय महासचिव नीटा डिसूजा, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश,संजय पासवान, मानस सिन्हा,राजेश ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू, विधायक उमाशंकर अकेला,दीपिका पाण्डेय सिंह,पूर्व मंत्री गीताश्री उराँव, पूर्व विधायक काली चरण मुण्डा,शशिभूषण राय, अमूल्य नीरज खलखो,शमशेर आलम,रवीन्द्र सिंह,आभा सिन्हा,जोनल कोर्डिनेटर सुलतान अहमद,अशोक चौधरी,भीम कुमार,गुंजन सिंह,केदार पासवान,अमरेन्द्र सिंह,कुमार गौरव,बबलू शुक्ला,डा.पी.नैयर,सतीश पाल मुंजीनि,सन्नी टोप्पो,अजय नाथ शाहदेव,राजीव रंजन प्रसाद,सुरेश बैठा,संजय पाण्डेय,जितेन्द्र त्रिवेदी,सोनी नायक समेत अन्य नेता-कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
राजभवन मार्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा विरोधियों की निगरानी और फोन हैकिंग कराना पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर कानूनी है, यह अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त शक्तियों पर भी केंद्र सरकार का अतिक्रमण है। इस मामले में सुप्रीमो कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच का आदेश देना चाहिए। अन्य देशों में भी इस तरह के अनैतिक कार्यां की जांच की बात चल रही है। उन्होंने कहा कि यह जासूसी का काम प्रधानमंत्री के इशारे पर ही संभव है। भाजपा नेतृत्व वाली केंद सरकार खुद को कमजोर पा कर विरोधियों की जासूसी में लगी है। इसके माध्यम से ही कर्नाटक और मध्य प्रदेश में सरकार तोड़ने काम किया गया। जबकि इजरायली सरकार का स्पष्ट कहना है कि इसका इस्तेमाल केवल आतंकी और आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सिर्फ और सिर्फ सरकार को ही दिया जा सकता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार अभी 50 हजार लोगों की जासूसी करा रही है, लेकिन आने वाले समय में इसकी संख्या बढ़कर 50 करोड़ भी हो सकती है। इस तरह का काम पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहमति मिले बिना संभव ही नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर बड़ा प्रहार किया है और इस भूल के लिए बिना विलंब किये केंद्र सरकार को माफी मांगनी चाहिए तथा दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कृषिमंत्री बादल ने कहा कि इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से अब बेडरूम से लेकर बाथरूम तक लोग सुरक्षित नहीं। लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन के लिए देशव्यापी आंदोलन की गूंज केंद्र सरकार के कानों तक जरुर पहुंचेगी।
प्रदेश प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं , जज ,सैन्य अधिकारियों और पत्रकारों का फोन हैकिंग किया जा रहा है, लेकिन इससे कुछ मिलने वाला नहीं है। हर मोर्चे पर विफल केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए जनता पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि यह जासूसी कांड कोई छोटी बात नहीं हैं,इससे जहां लोगों की निजता का हनन हो रहा हैं, बल्कि इसके माध्यम से ब्लैकमेलिंग जैसे अवैध धंधे को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पेगासस मामले को लेकर झारखंड कांग्रेस के नेताओं ने दिया धरना
इजराइली स्पाइवेयर पेगासस के माध्यम से केंद्रीय मंत्री और भाजपा के भी कई नेताओं की भी फोन टेपिंग की बात सामने आयी है, जिससे यह साबित होता है कि इस सरकार को अपने ही लोगों पर विश्वास नहीं है।